Lucknow में निवेश के नाम पर ठगी, फरार SHO और CRPF दरोगा पर लगेगा इनाम

Lucknow: राजधानी लखनऊ में निवेश के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में पुलिस विभाग के ही कुछ लोग शामिल थे, जिनमें एक चौकी प्रभारी और CRPF का दरोगा मुख्य आरोपी हैं। पुलिस अब इन दोनों फ

Lucknow: राजधानी लखनऊ में निवेश के नाम पर लोगों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में पुलिस विभाग के ही कुछ लोग शामिल थे, जिनमें एक चौकी प्रभारी और CRPF का दरोगा मुख्य आरोपी हैं। पुलिस अब इन दोनों फरार अधिकारियों को पकड़ने के लिए उन पर इनाम घोषित करने की तैयारी कर रही है।

इस घोटाले में कामता चौकी के पूर्व प्रभारी मोहित और CRPF के सब-इंस्पेक्टर जय प्रकाश सिंह शामिल थे। मोहित 2019 बैच का दरोगा है जो मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। उसे लापरवाही और संदिग्ध भूमिका के कारण सस्पेंड कर दिया गया है और उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। वहीं जय प्रकाश सिंह 13 जून 2026 को 20 दिन की छुट्टी लेकर फरार हो गया। पुलिस को पता चला है कि जय प्रकाश पहले भी धोखाधड़ी के कई मामलों में शामिल रहा है। फिलहाल दोनों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर रखे हैं, जिससे उन्हें ढूंढने में मुश्किल हो रही है।

यह गिरोह व्यापारियों को क्रिप्टो करेंसी और बिटकॉइन में निवेश कराकर मोटा मुनाफा देने का लालच देता था। जब लोग बड़ी रकम लेकर मिलते थे, तो उन्हें फर्जी नंबर प्लेट वाली बोलेरो गाड़ी में बिठाकर घुमाया जाता था। इसके बाद आरोपी खुद को STF अधिकारी बताकर गाड़ी रोकते थे और डरा-धमकाकर सारा पैसा लूट लेते थे। कई बार पीड़ितों को बंधक भी बनाया गया। इस गैंग में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी का फायदा यह था कि जब पीड़ित अपने पैसे वापस मांगते थे, तो ये लोग अपनी वर्दी और रसूख की धौंस दिखाकर उन्हें चुप करा देते थे।

पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गोरखपुर के जावेद हुसैन और आसिफ, संत कबीर नगर के प्रवेश त्रिपाठी और राजस्थान के कांस्टेबल पूरन सिंह शामिल हैं। पूरन सिंह चिनहट थाने में तैनात था और वही चौकी प्रभारी मोहित को गैंग की हर खबर देता था। इस गैंग में ‘विनय’ नाम का एक बर्खास्त PAC जवान भी शामिल था।

यह पूरा मामला 11 जून 2026 को प्रभाकर सिंह की शिकायत के बाद सामने आया, जिनके भाई दिवाकर सिंह और दोस्त अनूप शुक्ला को इस तरह लूटा गया था। DCP East डॉ. दीक्षा शर्मा ने मोहित कुमार के सस्पेंशन की पुष्टि की है। फिलहाल ACP विभूतिखंड के नेतृत्व में छह पुलिस टीमें अलग-अलग जिलों में इन फरार अधिकारियों की तलाश कर रही हैं।