Lucknow में इंटरनेशनल सेक्स रैकेट की मास्टरमाइंड लोला गिरफ्तार, चेहरा बदलने के लिए कराई थी 7 प्लास्टिक सर्जरी

Lucknow: राजधानी के एक पॉश इलाके में छिपकर अंतरराष्ट्रीय सेक्स रैकेट चलाने वाली उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला क्यूमोवा पुलिस की गिरफ्त में है। वह पिछले एक साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रही थी, लेकिन इलाज के लिए अस्पता

Lucknow: राजधानी के एक पॉश इलाके में छिपकर अंतरराष्ट्रीय सेक्स रैकेट चलाने वाली उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला क्यूमोवा पुलिस की गिरफ्त में है। वह पिछले एक साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रही थी, लेकिन इलाज के लिए अस्पताल पहुंची और वहीं पकड़ी गई। लोला पर विदेशी महिलाओं की तस्करी और उन्हें जबरन देह व्यापार में धकेलने का गंभीर आरोप है।

लोला क्यूमोवा को मंगलवार रात मैक्स हॉस्पिटल के पास से गिरफ्तार किया गया। उससे पहले इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने उसे हिरासत में लिया था, जिसके बाद उसे स्थानीय पुलिस को सौंपा गया। पुलिस के मुताबिक, लोला का पासपोर्ट और वीजा काफी समय पहले खत्म हो चुका था, फिर भी वह अवैध तरीके से लखनऊ में रह रही थी। उसने फर्जी शादी का सर्टिफिकेट बनवाकर आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी हासिल कर लिया था, ताकि उसकी पहचान छिपी रहे।

जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि लोला ने अपनी पहचान बदलने और खुद को जवान दिखाने के लिए सात बार प्लास्टिक सर्जरी कराई थी। इसमें उसके चेहरे, होंठ और शरीर के अन्य हिस्सों की सर्जरी शामिल थी। पुलिस अब डॉ. विवेक गुप्ता नाम के एक प्लास्टिक सर्जन की तलाश कर रही है, जिसने यह सर्जरी की थी। इसके अलावा लोला का लिव-इन पार्टनर त्रिजिन उर्फ अर्जुन राणा भी फरार है, जिस पर तस्करी की गई महिलाओं के फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाने का आरोप है।

यह पूरा मामला जून 2025 में शुरू हुआ था जब पुलिस ने दो उज्बेक महिलाओं, होलीडा और नीलोफर को एक अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था। उनकी पूछताछ के बाद ही लोला का नाम सामने आया था। FRRO ने सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस को लोला की मौजूदगी की जानकारी दी थी। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन का पता लगाया जा सके।

आरोप है कि यह गिरोह उज्बेकिस्तान और नेपाल की गरीब महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर भारत लाता था। यहां आने के बाद उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उनकी शक्लें बदलकर उन्हें देह व्यापार के धंधे में लगा दिया जाता था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के तार अन्य राज्यों और जिलों से जोड़ने की कोशिश कर रही है।