Lucknow में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, अमेरिकी नागरिकों से 200 करोड़ की ठगी

Lucknow: राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने अमेरिका के लोगों को अपना निशाना बनाया और पिछले आठ महीनों में करीब 200 करोड़

Lucknow: राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने अमेरिका के लोगों को अपना निशाना बनाया और पिछले आठ महीनों में करीब 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। पुलिस ने इस मामले में सात से आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गुजरात और कोलकाता के रहने वाले आरोपी शामिल हैं।

लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच और साइबर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन CYVAJRA’ के तहत की। पुलिस ने सुशांत गोल्फ सिटी के ओमेक्स आर-02 रेजिडेंशियल अपार्टमेंट में छापा मारकर इस सेंटर को पकड़ा। इस छापेमारी में पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। मौके से लैपटॉप, मोबाइल फोन, वाई-फाई राउटर और फर्जी सरकारी दस्तावेज बरामद हुए हैं।

ठगी करने का तरीका बहुत शातिर था। आरोपी खुद को Microsoft सपोर्ट या FTC के अधिकारी बताते थे। वे पीड़ितों के कंप्यूटर पर वायरस वाले पॉप-अप भेजते थे और फिर टोल-फ्री नंबर के जरिए उन्हें डराते थे। गिरोह के लोग पीड़ितों को बैंक खाते या सोशल सिक्योरिटी नंबर में समस्या बताकर गिरफ्तारी का डर दिखाते थे। विश्वास दिलाने के लिए वे ईमेल पर नकली कोर्ट ऑर्डर और जांच रिपोर्ट जैसे दस्तावेज भी भेजते थे।

विवरण जानकारी
कुल ठगी की रकम 200 करोड़ रुपये से अधिक (अनुमानित)
मुख्य शिकार अमेरिकी नागरिक
एक पीड़ित से ठगी डोरिश (अमेरिकी महिला) से करीब 70 लाख रुपये
पैसे लेने का तरीका गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टोकरेंसी और कैश
गिरफ्तार मुख्य आरोपी पुनीत वर्मा और देवेंद्र पटेल (गुजरात)
बरामद सामान लैपटॉप, मोबाइल, कॉलिंग स्क्रिप्ट और विदेशी डेटा

इसी दौरान सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस ने साइबर ठगी के तीन अन्य अलग-अलग मामलों में भी मुकदमा दर्ज किया है, जहाँ स्थानीय लोगों के खातों से लाखों रुपये निकाले गए। एक अन्य घटना में ‘रिमोट डिवाइस टेकओवर फ्रॉड’ के जरिए एक महिला के 3 लाख रुपये चोरी हो गए। साइबर एक्सपर्ट्स ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने मोबाइल या कंप्यूटर का एक्सेस न दें और संदिग्ध लिंक या प्रॉम्प्ट से सावधान रहें।