UP : लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया गया। इस मौके पर सारस प्रेक्षागृह में एक खास संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें प्रकृति को बचाने और पर्यावरण के संतुलन पर
UP : लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस मनाया गया। इस मौके पर सारस प्रेक्षागृह में एक खास संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें प्रकृति को बचाने और पर्यावरण के संतुलन पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का मुख्य मकसद लोगों को प्राकृतिक संसाधनों के सही इस्तेमाल के प्रति जागरूक करना था।
संगोष्ठी में किन मुख्य बातों पर चर्चा हुई?
इस कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना’ (Acting locally for global impact) रखा गया था। विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि जैव विविधता का कम होना आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती है। बैठक में जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन को लेकर विस्तार से बात की गई।
राष्ट्रीय स्तर पर क्या तैयारियां की गईं?
भारत में इस दिन को खास बनाने के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बड़ी पहल की। मध्य प्रदेश सरकार, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) और अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किए गए। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी स्थानीय स्तर पर किए गए कार्यों के वैश्विक असर के महत्व को समझाया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में यह कार्यक्रम कहाँ आयोजित किया गया था?
यह संगोष्ठी 22 मई 2026 को लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान के सारस प्रेक्षागृह में आयोजित की गई थी।
अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 का मुख्य विषय क्या था?
इस वर्ष का मुख्य विषय ‘वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना’ (Acting locally for global impact) रखा गया था।