UP: लखनऊ के इंदिरा नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पानी की किल्लत की वजह से प्रसव सेवाएं पूरी तरह बंद हो गई हैं। बोरिंग खराब होने के कारण अस्पताल में पानी की सप्लाई रुक गई है, जिससे प्रसव कक्ष बंद करना पड़ा। पिछ
UP: लखनऊ के इंदिरा नगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पानी की किल्लत की वजह से प्रसव सेवाएं पूरी तरह बंद हो गई हैं। बोरिंग खराब होने के कारण अस्पताल में पानी की सप्लाई रुक गई है, जिससे प्रसव कक्ष बंद करना पड़ा। पिछले एक हफ्ते से यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को दूसरे अस्पतालों में जाने की सलाह देकर वापस लौटाया जा रहा है।
बोरिंग खराब होने से क्यों रुकीं सेवाएं?
अस्पताल में पानी की बोरिंग फेल हो गई है, जिसकी वजह से सफाई और हाइजीन बनाए रखना मुश्किल हो गया। बिना पानी के नॉर्मल डिलीवरी और सिजेरियन ऑपरेशन करना संभव नहीं था, इसलिए प्रशासन ने प्रसव सेवाएं रोक दीं। CHC इन-चार्ज डॉ. मयंक जलोटे ने बताया कि नई बोरिंग के लिए CMO ऑफिस को पत्र भेजा गया था और बजट भी जारी हो चुका है।
अधिकारियों के दावे और जमीनी हकीकत
22 मई को CMO डॉ. एन.बी. सिंह और अन्य अधिकारियों ने कहा था कि बोरिंग का काम तीन दिनों में पूरा हो जाएगा और 23 मई तक डिलीवरी सेवाएं फिर से शुरू हो जाएंगी। हालांकि, 24 मई तक की ताजा जानकारी के मुताबिक सेवाएं अब भी बंद हैं। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल में पानी का टैंकर आने के बाद भी प्रसव कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिससे मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
आम जनता पर क्या पड़ा असर?
सरकारी अस्पताल में इलाज न मिलने के कारण गर्भवती महिलाओं को अब निजी अस्पतालों या अन्य CHC का रुख करना पड़ रहा है। इससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है और समय पर इलाज न मिलने का जोखिम भी पैदा हो गया है। लोग प्रशासन की इस सुस्ती से काफी परेशान हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इंदिरा नगर CHC में प्रसव सेवाएं क्यों बंद हैं?
अस्पताल की बोरिंग खराब होने की वजह से पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। पर्याप्त पानी न होने के कारण हाइजीन और डिलीवरी की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती, इसलिए सेवाएं ठप हैं।
अस्पताल प्रशासन ने सेवाएं कब तक शुरू करने का वादा किया था?
CMO डॉ. एन.बी. सिंह और अन्य अधिकारियों ने 22 मई को आश्वासन दिया था कि बोरिंग का काम तीन दिन में पूरा होगा और 23 मई तक सेवाएं फिर से चालू हो जाएंगी।