UP: लखनऊ में जिला न्यायालय के बाहर अवैध चैंबरों को हटाने के लिए चलाए गए बुलडोजर और पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के खिलाफ अब हसनगंज तहसील के वकील सड़क पर उतर आए हैं। मंगलवार को इन अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौ
UP: लखनऊ में जिला न्यायालय के बाहर अवैध चैंबरों को हटाने के लिए चलाए गए बुलडोजर और पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के खिलाफ अब हसनगंज तहसील के वकील सड़क पर उतर आए हैं। मंगलवार को इन अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जताई। यह पूरा विवाद 17 मई से शुरू हुआ है जिसमें प्रशासन और वकीलों के बीच तीखी झड़प हुई थी।
बुलडोजर कार्रवाई और लाठीचार्ज का क्या है पूरा मामला
17 मई 2026 को लखनऊ नगर निगम (LMC) ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के आदेश पर जिला न्यायालय परिसर के बाहर करीब 240 अवैध चैंबरों और दुकानों को ध्वस्त किया। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद वकीलों और पुलिस में विवाद हो गया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया जिससे कई वकील घायल हो गए। वकीलों का आरोप है कि उनके साथ बर्बरता की गई जबकि प्रशासन का कहना है कि उन्होंने केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल प्रयोग किया।
वकीलों का विरोध और हड़ताल की स्थिति
इस घटना के बाद लखनऊ की सेंट्रल बार एसोसिएशन और लखनऊ बार एसोसिएशन ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है। विरोध स्वरूप 18 मई से 20 मई तक तीन दिनों की हड़ताल घोषित की गई। मोहनलालगंज तहसील के अधिवक्ताओं ने भी प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि अगर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। सेंट्रल बार एसोसिएशन ने आगे की रणनीति बनाने के लिए 20 मई को दोपहर 2 बजे एक बैठक बुलाई है।
प्रशासन और नगर निगम का क्या कहना है
लखनऊ नगर निगम (LMC) और जिला प्रशासन का दावा है कि ये सभी संरचनाएं सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई थीं जिससे रास्ते में रुकावट हो रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने के निर्देश पहले से थे और नोटिस भी चिपकाए गए थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लाठीचार्ज उन असामाजिक तत्वों और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए किया गया जिन्होंने कार्रवाई में बाधा डाली और पथराव किया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बुलडोजर की कार्रवाई कब और क्यों हुई
यह कार्रवाई 17 मई 2026 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के आदेश पर हुई। लखनऊ नगर निगम ने जिला न्यायालय के बाहर करीब 240 अवैध चैंबरों और दुकानों को सार्वजनिक भूमि से खाली कराने के लिए ध्वस्त किया।
वकीलों ने विरोध प्रदर्शन क्यों किया
वकीलों ने अवैध चैंबरों को गिराने और इस दौरान पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन किया। हसनगंज के अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है और लखनऊ बार एसोसिएशन ने तीन दिवसीय हड़ताल की है।