UP : लखनऊ के हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन पर पार्किंग और “लजीज गली” बनाने की योजना को लेकर विवाद गहरा गया है। शिया समुदाय के धर्मगुरु और स्थानीय लोग इस निर्माण का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना सहमति
UP : लखनऊ के हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन पर पार्किंग और “लजीज गली” बनाने की योजना को लेकर विवाद गहरा गया है। शिया समुदाय के धर्मगुरु और स्थानीय लोग इस निर्माण का कड़ा विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना सहमति के ट्रस्ट की जमीन पर व्यावसायिक काम शुरू करना गलत है। इस मामले को लेकर मौलाना कल्बे जवाद नकवी के नेतृत्व में उलेमाओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्यों हो रहा है लजीज गली और पार्किंग का विरोध?
शिया धर्मगुरुओं का आरोप है कि LDA द्वारा रूमी दरवाजा के पास बनाई जा रही पार्किंग और लजीज गली से इलाके की धार्मिक पवित्रता और ऐतिहासिक पहचान को नुकसान पहुंचेगा। 20 मई से शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में उलेमाओं ने कहा कि यह निर्माण हुसैनाबाद ट्रस्ट की संपत्तियों को खतरे में डाल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ट्रस्ट के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन नहीं होता, तब तक प्रशासन से कोई बातचीत नहीं की जाएगी।
प्रशासन और भाजपा नेता का इस पर क्या कहना है?
हुसैनाबाद ट्रस्ट के सचिव और ADM ईस्ट महेंद्र पाल सिंह ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि जमीन किसी को दी नहीं जा रही है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसका पुनर्विकास किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट लखनऊ को यूनेस्को के गैस्ट्रोनॉमी शहर की मान्यता से जुड़ा है और इससे होने वाली कमाई का आधा हिस्सा ट्रस्ट को मिलेगा। वहीं, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अमील शम्सी ने भी शिया समाज की नाराजगी जताते हुए इस निर्माण को रोकने की मांग की है और मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में लाने की बात कही है।
विरोध प्रदर्शन का अब तक का घटनाक्रम
इस विवाद के दौरान 22 मई को जुमे की नमाज के बाद उलेमाओं ने मौके का मुआयना किया और नाराजगी जताई। 23 मई को मौलाना कल्बे जवाद और अन्य धर्मगुरुओं ने बड़े इमामबाड़े से निकलकर निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने इसे एक साजिश करार दिया। 25 मई तक विरोध और तेज हो गया, जिसमें समुदाय के लोगों ने मांग की कि वक्फ संपत्तियों पर बिना सहमति के काम तुरंत रोका जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शिया धर्मगुरुओं की मुख्य मांग क्या है?
धर्मगुरुओं की मुख्य मांग है कि हुसैनाबाद ट्रस्ट के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया जाए और बिना सहमति के चल रहे पार्किंग और लजीज गली के निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए।
प्रशासन इस निर्माण का क्या तर्क दे रहा है?
प्रशासन का कहना है कि यह परियोजना लखनऊ को यूनेस्को के रचनात्मक शहरों (गैस्ट्रोनॉमी शहर) की मान्यता दिलाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए है, जिससे होने वाली आय का आधा हिस्सा ट्रस्ट को मिलेगा।