UP : लखनऊ के निराला नगर इलाके में बुधवार को एलडीए (LDA) और अग्निशमन विभाग की टीम ने कई होटल और रेस्टोरेंट की जांच की। यह पूरी कार्रवाई दिल्ली में हुए एक बड़े होटल हादसे के बाद शुरू किए गए अभियान का हिस्सा है। टीम ने पाया
UP : लखनऊ के निराला नगर इलाके में बुधवार को एलडीए (LDA) और अग्निशमन विभाग की टीम ने कई होटल और रेस्टोरेंट की जांच की। यह पूरी कार्रवाई दिल्ली में हुए एक बड़े होटल हादसे के बाद शुरू किए गए अभियान का हिस्सा है। टीम ने पाया कि कई जगहों पर नियमों की अनदेखी की गई है और बिना नक्शे के निर्माण कार्य कराया गया है।
निराला नगर में किन होटलों की हुई जांच
संयुक्त टीम ने निराला नगर क्षेत्र के कुल 7 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इनमें होटल सैंडस्टोन, होटल रेग्नेंट, होटल गोल्डन ऑर्किड, होटल नेक्टर इन, रघुवीर पैलेस, कपूर्स डॉट इन और रेनबो गोल्ड इन शामिल हैं। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ होटलों ने स्वीकृत नक्शे के हिसाब से निर्माण नहीं किया है। तीन होटल मैनेजर मौके पर बिल्डिंग का नक्शा नहीं दिखा पाए, जिन्हें अब 3 दिन के भीतर इसे जमा करने को कहा गया है।
अग्निशमन सुरक्षा और नियमों का क्या है प्रावधान
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह अभियान लोगों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल के मुताबिक कई होटलों में सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी मिली। नियमों के मुताबिक हर कमर्शियल बिल्डिंग में फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशामक यंत्र, स्प्रिंकलर सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट होना जरूरी है। जिन होटलों ने इन नियमों का पालन नहीं किया है, उन्हें नोटिस भेजकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अब तक कितनी कार्रवाई हुई है
शहर में यह अभियान 4 जून 2026 से चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, 8 जून तक 20 होटलों और रेस्टोरेंट को नोटिस दिए जा चुके हैं। इनमें से 12 प्रतिष्ठानों को अपनी कमियों को सुधारने के लिए 45 दिन का समय दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि शहर के करीब 147 होटलों के पास फायर एनओसी (NOC) नहीं थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में होटलों की यह जांच क्यों की जा रही है?
दिल्ली में हुए एक घातक होटल अग्निकांड के बाद लखनऊ में बहुमंजिला इमारतों की अग्नि सुरक्षा और निर्माण नियमों की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
नियम तोड़ने वाले होटलों पर क्या कार्रवाई होगी?
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है, उनकी फायर सुरक्षा मंजूरी रद्द की जा सकती है और गंभीर मामलों में प्रतिष्ठान को बंद भी किया जा सकता है।