UP : लखनऊ स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Mission Vatsalya स्कीम के तहत बाल गृहों को मिलने वाली आर्थिक मदद में देरी पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने साफ कहा है कि बच्चों के कल्याण से जुड़े मामलों में प्रशासनिक ढिलाई किसी भी कीमत
UP : लखनऊ स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट ने Mission Vatsalya स्कीम के तहत बाल गृहों को मिलने वाली आर्थिक मदद में देरी पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने साफ कहा है कि बच्चों के कल्याण से जुड़े मामलों में प्रशासनिक ढिलाई किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। यह मामला उन बच्चों से जुड़ा है जो कठिन परिस्थितियों में हैं और जिन्हें सरकारी सहायता की जरूरत है।
Mission Vatsalya स्कीम क्या है और फंड कैसे मिलता है?
Mission Vatsalya केंद्र सरकार की एक योजना है जिसे 1 अप्रैल 2022 को शुरू किया गया था। इसका मकसद मुश्किल हालात में रह रहे बच्चों का पुनर्वास करना और उनकी सुरक्षा बढ़ाना है। इस योजना का बजट केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाते हैं, जिसमें 60% हिस्सा केंद्र सरकार और 40% हिस्सा राज्य सरकार देती है। इसके तहत बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और काउंसलिंग जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
कोर्ट ने राज्य सरकार से क्या सवाल पूछे?
हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा कि जब केंद्र ने इस स्कीम की घोषणा 1 अप्रैल 2022 को की थी, तो राज्य सरकार ने इसे 17 जुलाई 2023 से लागू क्यों किया। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि NGOs और बाल संरक्षण गृहों को फंड केंद्र की अधिसूचना की तारीख यानी 1 अप्रैल 2022 से ही दिया जाए। कोर्ट ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी से इस देरी पर हलफनामा मांगकर जवाब तलब किया है।
प्रशासनिक देरी पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी
कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकारी मशीनरी सिर्फ फाइलों की आवाजाही या रूटीन प्रक्रिया का बहाना बनाकर देरी को सही नहीं ठहरा सकती। बच्चों की देखभाल करने वाली संस्थाओं को समय पर पैसा न मिलना उनके भविष्य और सुविधाओं के साथ खिलवाड़ है। कोर्ट ने केंद्र और राज्य दोनों मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि वे इस समस्या को जल्द से जल्द सुलझाएं ताकि बच्चों को मिलने वाली मदद न रुके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Mission Vatsalya योजना के तहत बच्चों को कितनी मदद मिलती है?
इस योजना के तहत स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर या आफ्टरकेयर के लिए प्रति बच्चा 4,000 रुपये का मासिक अनुदान दिया जाता है।
हाईकोर्ट ने फंड रिलीज करने के लिए कौन सी तारीख तय की है?
कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि फंड का भुगतान केंद्र सरकार की अधिसूचना की तारीख 1 अप्रैल 2022 से किया जाए, न कि राज्य के शासनादेश की तारीख से।