UP: पूर्व विधायक पवन पांडेय की सजा पर रोक से हाईकोर्ट ने किया इनकार, अंबेडकरनगर मामला
UP/Lucknow: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने अंबेडकरनगर के एक पुराने आपराधिक मामले में उनकी सजा पर रोक लगाने वाली अर्जी को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा
UP/Lucknow: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने पूर्व विधायक पवन कुमार पांडेय को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने अंबेडकरनगर के एक पुराने आपराधिक मामले में उनकी सजा पर रोक लगाने वाली अर्जी को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि जब मामले का अंतिम निपटारा संभव हो, तो सिर्फ सजा टालने के आवेदन के आधार पर सुनवाई को आगे बढ़ाना सही नहीं है।
यह पूरा मामला साल 1990 का है, जिसमें पवन पांडेय को दोषी ठहराया गया था। जनवरी 2025 में अंबेडकरनगर की एक MP/MLA कोर्ट ने उन्हें सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। यह मामला ठेकेदार अरविंद कुमार सिंह और उनके साथी अनिल सिंह के attempted murder (हत्या के प्रयास) से जुड़ा था, जो 26 जून 1990 को हुआ था। सजा के साथ उन पर 32,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
पवन पांडेय कानूनी मुश्किलों से घिरे रहे हैं। अप्रैल 2025 में उन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए छह महीने की साधारण जेल और 2,000 रुपये जुर्माने की सजा मिली थी। इसके अलावा, नवंबर 2023 से वे जमीन धोखाधड़ी के एक मामले में पहले से ही जेल में बंद हैं।
राजनीतिक रूप से पवन पांडेय का काफी प्रभाव रहा है। वे 1991 में शिव सेना के टिकट पर अकबरपुर से विधायक चुने गए थे। उनका परिवार राजनीति में काफी सक्रिय है, उनके भाई राकेश पांडेय समाजवादी पार्टी के विधायक हैं और भतीजे रितेश पांडेय, जो पहले BSP सांसद थे, अब BJP के साथ हैं।