Ram Mandir चंदा चोरी केस: Lucknow हाई कोर्ट ने CBI जांच की मांग वाली याचिका को किया खारिज
UP/Lucknow : अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चंदे की चोरी के मामले में लखनऊ हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले की CBI जांच कराने की मांग वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। सरकार ने दलील दी
UP/Lucknow : अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चंदे की चोरी के मामले में लखनऊ हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले की CBI जांच कराने की मांग वाली एक जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। सरकार ने दलील दी कि इसी तरह की एक याचिका पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, इसलिए हाई कोर्ट को इस पर सुनवाई करने की जरूरत नहीं है।
यह मामला वकील मोहित अशोक द्वारा दायर की गई एक PIL से जुड़ा है। याचिका में मांग की गई थी कि मंदिर के चंदे की CBI जांच हो और 5 फरवरी 2020 से अब तक के सभी दान का CAG ऑडिट कराया जाए। साथ ही, एक SP रैंक के अधिकारी की निगरानी में निष्पक्ष जांच और FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस मंजिव शुक्ला की बेंच ने इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि समान प्रार्थना वाली याचिका पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को चेतावनी भी दी कि मामलों की सुनवाई से पहले उन्हें सार्वजनिक न किया जाए।
दूसरी तरफ, इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून 2026 को एक SIT का गठन किया था। SIT की जांच जारी है और पुलिस ने डिलीट किए गए CCTV फुटेज भी बरामद किए हैं, जिनमें आरोपी नोट छुपाते हुए नजर आ रहे हैं। इस मामले में अब तक 8 लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी और सफाईकर्मी शामिल हैं। इनमें से अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, राम शंकर यादव, करुणेश पांडे और मनीष यादव फिलहाल जेल में हैं और पुलिस उनसे पूछताछ करेगी।
इसी बीच 6 जुलाई 2026 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में SIT जांच की समीक्षा की गई और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के संभावित इस्तीफों पर चर्चा हुई। पुलिस ने सोमवार को पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान भी दर्ज किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई 12 जुलाई के बाद करने की बात कही है।