Lucknow हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, बिजलीकर्मी भी कहलाएंगे ‘कोविड वॉरियर’, मृतक के परिवार को मिलेंगे 50 लाख रुपये

UP/Lucknow : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए बिजली विभाग के कर्मचारियों को भी ‘कोविड वॉरियर’ माना है। कोर्ट ने साफ कहा है कि कोरोना काल में अस्पतालों और ऑक्सीजन प्लांटों में बिजली क

UP/Lucknow : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए बिजली विभाग के कर्मचारियों को भी ‘कोविड वॉरियर’ माना है। कोर्ट ने साफ कहा है कि कोरोना काल में अस्पतालों और ऑक्सीजन प्लांटों में बिजली की सप्लाई बनाए रखने वाले कर्मचारी भी अग्रिम पंक्ति के योद्धा थे। इसी के तहत कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को एक मृतक कर्मचारी के परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।

यह पूरा मामला मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) के कर्मचारी सुंदर लाल से जुड़ा है, जिनकी अप्रैल 2021 में कोविड-19 की वजह से मौत हो गई थी। उनकी विधवा श्रीमती पुष्पा देवी ने मुआवजे के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले राज्य सरकार ने 6 अक्टूबर 2022 को उनका दावा यह कहकर खारिज कर दिया था कि मृतक कर्मचारी 11 अप्रैल 2020 के उस शासनादेश के दायरे में नहीं आते, जिसमें कोविड कर्मियों को सहायता देने की बात कही गई थी।

न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने सरकार के इस फैसले को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कोविड ड्यूटी का मतलब सिर्फ अस्पताल में मरीजों का इलाज करना नहीं होता। बिजली, पानी, पुलिस और अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों ने भी महामारी से लड़ने में बड़ी भूमिका निभाई, इसलिए उन्हें भी कोविड योद्धा माना जाना चाहिए। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि सुंदर लाल नियमित रूप से उन अस्पतालों और ऑक्सीजन प्लांटों में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे थे, जहां कोविड मरीजों का इलाज चल रहा था।

अदालत ने कहा कि कर्मचारी की मृत्यु को पांच साल से ज्यादा समय बीत चुका है, इसलिए अब परिवार को और इंतजार कराना सही नहीं है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि आदेश की कॉपी मिलने के आठ हफ्ते के भीतर पुष्पा देवी को 50 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाए। यह फैसला अब जल आपूर्ति, टेलीफोन और पुलिस जैसे अन्य विभागों में काम करने वाले उन कर्मचारियों के लिए भी एक मिसाल बनेगा, जिन्हें कोविड ड्यूटी पर माना जाएगा।