Lucknow में भारी बारिश और तेज हवा से आधे शहर की बत्ती गुल, पानी की किल्लत से लोग परेशान

Lucknow: राजधानी लखनऊ में रविवार, 5 जुलाई 2026 को मौसम का मिजाज बिगड़ने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से शहर के आधे हिस्से में बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी।

Lucknow: राजधानी लखनऊ में रविवार, 5 जुलाई 2026 को मौसम का मिजाज बिगड़ने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से शहर के आधे हिस्से में बिजली गुल हो गई, जिससे लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी। बिजली कटने का सीधा असर पानी की सप्लाई पर भी पड़ा और शहर के कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए।

इस आपदा से चिनहट, कमता, गोमतीनगर, लौलाई, गोमतीनगर विस्तार, अलीगंज और इंदिरानगर जैसे इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। इसके अलावा मोहनलालगंज और नगरम के कई गांवों जैसे बलसिंहखेड़ा, करोरा, देवती, रसूलपुर और भवानीखेड़ा में भी बिजली-पानी की भारी किल्लत देखी गई। बिजली विभाग के मुताबिक, तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और तार टूट गए, वहीं कुछ जगहों पर अंडरग्राउंड केबल में खराबी आई और ट्रांसफार्मर जल गए।

परेशान उपभोक्ताओं ने टोल-फ्री नंबर 1912 और सब-सेंटरों पर कई शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन विभाग की ओर से रिस्पॉन्स मिलने में घंटों की देरी हुई। स्थिति को संभालने के लिए बिजली विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने मिलकर गिरे हुए पेड़ों को हटाया और बिजली बहाल करने का काम किया। जल संस्थान की पंपिंग व्यवस्था बिजली गुल होने से ठप हो गई थी, जिससे पानी की सप्लाई रुक गई। गोमती नगर और इंदिरा नगर में पहले से ही कठौता झील का जलस्तर कम होने और शारदा नहर की सफाई के चलते पानी की समस्या चल रही थी।

मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया था। 6 जुलाई को लखनऊ में हल्के बादल रहने और छिटपुट बारिश की संभावना है, जबकि 7-8 जुलाई से बारिश की गतिविधियां और बढ़ेंगी। 10 और 11 जुलाई के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।

एक तरफ जहां लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं, वहीं UPPCL पर बिना सूचना के करीब 46.68 लाख उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड बढ़ाने का आरोप लगा है। उपभोक्ता परिषद का कहना है कि यह बिजली सप्लाई कोड 2025 का उल्लंघन है। हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए एक राहत की खबर यह है कि जुलाई 2026 के बिजली बिलों में 4.43% की कटौती की गई है, जो पिछले 15 महीनों का सबसे बड़ा लाभ है।