UP : लखनऊ जीआरपी ने एक खास अभियान चलाकर उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई है जिनके मोबाइल फोन खो गए थे। पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कुल 237 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे गए। इस कार्रवाई से 13 अलग
UP : लखनऊ जीआरपी ने एक खास अभियान चलाकर उन लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई है जिनके मोबाइल फोन खो गए थे। पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कुल 237 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे गए। इस कार्रवाई से 13 अलग-अलग जिलों के लोग लाभान्वित हुए हैं।
मोबाइल रिकवरी के लिए पुलिस ने क्या किया
लखनऊ जीआरपी की टीमों ने तकनीकी निगरानी और सर्विलांस सेल की मदद से इन फोन को ट्रैक किया। पुलिस ने बरामदगी के लिए CEIR पोर्टल का इस्तेमाल किया जो IMEI नंबर के जरिए फोन खोजने में मदद करता है। बरामद फोन के मालिकों को पुलिस ने फोन कर बुलाया और कागजात की जांच के बाद उन्हें उनके डिवाइस वापस दिए।
रिकवरी ड्राइव से जुड़ी मुख्य जानकारियां
- लखनऊ जीआरपी ने 237 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाए।
- इस अभियान में 13 अलग-अलग जिलों के लोग शामिल रहे।
- पुलिस ने IMEI नंबर और CEIR पोर्टल जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया।
- जिन लोगों ने FIR दर्ज कराई थी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर फोन वापस मिले।
फोन खोने पर क्या करें और कैसे मिलेगी मदद
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अगर किसी का फोन खो जाता है, तो सबसे पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करानी चाहिए। इसके बाद भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करना जरूरी है। शिकायत के समय फोन का बिल, IMEI नंबर और आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज देने होते हैं। पुलिस इन जानकारियों के आधार पर फोन को ट्रैक कर रिकवर करती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
खोए हुए मोबाइल को वापस पाने के लिए क्या करना चाहिए?
सबसे पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं और फिर सरकारी CEIR पोर्टल पर फोन का IMEI नंबर, बिल और आधार कार्ड के साथ शिकायत दर्ज करें।
लखनऊ जीआरपी ने फोन खोजने के लिए किस तकनीक का इस्तेमाल किया?
पुलिस ने सर्विलांस सेल की मदद ली और दूरसंचार विभाग के CEIR पोर्टल के जरिए IMEI नंबर ट्रैक करके फोन बरामद किए।