UP : लखनऊ की जीवनरेखा कही जाने वाली गोमती नदी की हालत इन दिनों चिंताजनक है। नदी का जलस्तर काफी नीचे गिर गया है, जिसकी वजह से प्रमुख घाटों पर पानी कम हो गया है। इस दौरान नदी में गिरते गंदे नाले और मिट्टी के टीले साफ नजर आ
UP : लखनऊ की जीवनरेखा कही जाने वाली गोमती नदी की हालत इन दिनों चिंताजनक है। नदी का जलस्तर काफी नीचे गिर गया है, जिसकी वजह से प्रमुख घाटों पर पानी कम हो गया है। इस दौरान नदी में गिरते गंदे नाले और मिट्टी के टीले साफ नजर आ रहे हैं, जो शहर के पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा हैं।
नदी का जलस्तर क्यों घटा और क्या है असल वजह
गोमती नदी में पानी की कमी को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, गोमती बैराज के एक गेट की मरम्मत का काम चल रहा था, जिसकी वजह से पानी छोड़ना पड़ा और जलस्तर कम हो गया। जानकारों का कहना है कि जब बैराज के गेट बंद होते हैं तब पानी ज्यादा दिखता है, लेकिन मरम्मत के समय नदी की असली स्थिति सामने आती है। यह स्थिति सूखे की वजह से नहीं बल्कि तकनीकी काम के कारण हुई है।
प्रदूषण और सफाई अभियान की क्या है स्थिति
नदी की सफाई के लिए नगर निगम ने 5 जून से 25 जून तक एक विशेष अभियान चलाया है। इसमें गोमती बैराज से नए गुलालाघाट तक के इलाके को आठ सेक्टरों में बांटकर जलकुंभी हटाने और पौधरोपण का काम किया गया। हालांकि, पुरानी रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2010 से 2025 के बीच सफाई पर करीब 2.5 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए, फिर भी केमिकल युक्त गंदा पानी सीधे नदी में मिल रहा है।
नदी के किनारे चल रहे अन्य निर्माण कार्य
गोमती नदी पर टीले वाली मस्जिद के पास एक नए पक्के पुल का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस पुल के सभी छह पिलर तैयार हो चुके हैं और अब डेक का काम शुरू हो गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस पुल का काम जून 2027 तक पूरा कर लिया जाए ताकि शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गोमती नदी का जलस्तर कम होने का मुख्य कारण क्या है
गोमती बैराज के एक गेट की मरम्मत का काम चलने के कारण पानी छोड़ा गया, जिससे नदी का जलस्तर सामान्य से कम हो गया है।
नदी की सफाई के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं
नगर निगम ने जून 2026 में 20 दिवसीय विशेष अभियान चलाया है, जिसमें जलकुंभी हटाने और तटों की सफाई के लिए श्रमदान किया जा रहा है।