Lucknow में गोमती को प्रदूषण से बचाने की तैयारी, 9 नालों को रोकने के लिए बनेंगे 3 नए STP

Lucknow: राजधानी लखनऊ की गोमती नदी को साफ करने के लिए जल निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) मिलकर काम कर रहे हैं। नदी में गिरने वाले 9 गंदे नालों को रोकने के लिए 3 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाने की योजना है। इसके

Lucknow: राजधानी लखनऊ की गोमती नदी को साफ करने के लिए जल निगम और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) मिलकर काम कर रहे हैं। नदी में गिरने वाले 9 गंदे नालों को रोकने के लिए 3 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाने की योजना है। इसके लिए जल निगम ने LDA से जमीन मांगी है ताकि गंदे पानी को नदी में जाने से पहले साफ किया जा सके।

उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) ने इन प्लांटों के जरिए नालों के पानी को इंटरसेप्ट और डायवर्ट करने का प्लान बनाया है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य मकसद गोमती में गिरने वाले बिना ट्रीटेड सीवेज को रोकना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही निर्देश दिए थे कि शहर का एक भी बूंद गंदा पानी नदी में नहीं जाना चाहिए। इसी ‘गोमती रिजुवेनेशन मिशन’ के तहत यह पूरा काम किया जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक, जियामऊ और वजीरगंज इलाकों में नए STP लगाने के लिए LDA ने रास्ता साफ कर दिया है और दो प्लांटों के लिए जमीन भी आवंटित कर दी गई है। इन प्रोजेक्ट्स का पूरा खर्च केंद्र सरकार के ‘नमामि गंगे’ प्रोग्राम के तहत NMCG द्वारा उठाया जाएगा, इसमें राज्य सरकार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

प्रस्तावित STP स्थान क्षमता (MLD) किन नालों का पानी साफ होगा अनुमानित लागत
बसंत कुंज 145 MLD नगरिया, सरकटा और बसंत कुंज 671 करोड़ रुपये
वजीरगंज 60 MLD NER अपस्ट्रीम, NER डाउनस्ट्रीम और वजीरगंज –
जियामऊ 132 MLD GH कैनाल, जोपलिंग रोड, जियामऊ और ला मार्टिनियर कॉलेज –
मस्तमौ 5 MLD मस्तमौ और इकाना –

जल निगम के अधिशासी अभियंता एस.पी. सरोज ने बताया कि LDA द्वारा जमीन मिलना एक सकारात्मक कदम है। नियम के अनुसार, NMCG से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया में 6 महीने और निर्माण में करीब 18 महीने का समय लगता है। इसके बाद 3 महीने के ट्रायल रन के बाद ये प्लांट पूरी तरह चालू हो जाएंगे। यानी लगभग ढाई साल में ये प्लांट काम करना शुरू कर देंगे। इससे लखनऊ के लोगों को एक साफ नदी मिलेगी और पर्यावरण में सुधार होगा।