Lucknow में चमका गोमती नगर रेलवे स्टेशन, अब एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से सफर होगा आसान
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए गोमती नगर रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह बदल चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इसे एयरपोर्ट की तर्ज पर रिडेवलप किया गया है, जिससे यात्रियों को अब विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। शहर के लोगों क
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए गोमती नगर रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह बदल चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इसे एयरपोर्ट की तर्ज पर रिडेवलप किया गया है, जिससे यात्रियों को अब विश्व स्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। शहर के लोगों का कहना है कि स्टेशन के साथ-साथ लखनऊ की साफ-सफाई और सुरक्षा के माहौल में भी काफी सुधार आया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में इस स्टेशन का उद्घाटन किया था। करीब 377.47 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस स्टेशन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को कोई परेशानी न हो। यहाँ आने और जाने के लिए अलग-अलग टर्मिनल बनाए गए हैं, जहाँ पहली मंजिल से लोग अंदर आएंगे और ग्राउंड फ्लोर से बाहर निकलेंगे।
स्टेशन की खासियतों पर नजर डालें तो यहाँ कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं:
| सुविधा | विवरण |
|---|---|
| कॉन्कोर्स | 2380 वर्ग मीटर का पूरी तरह वातानुकूलित एरिया |
| आवाजाही | 9 एस्केलेटर और 9 लिफ्ट की सुविधा |
| पार्किंग | 700 से ज्यादा गाड़ियों के लिए मल्टी-लेवल पार्किंग |
| अन्य सुविधाएं | फूड कोर्ट, रिटेल आउटलेट और डिजिटल सूचना प्रणाली |
| सुरक्षा | पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी |
यह उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा स्टेशन होगा जिसे किसी प्राइवेट एजेंसी द्वारा एयरपोर्ट की तरह चलाया जाएगा। रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) इसके लिए टेंडर निकालेगा। प्राइवेट एजेंसी सफाई, टिकटिंग और पार्किंग का काम देखेगी, जबकि ट्रेनों का संचालन और सुरक्षा रेलवे के पास ही रहेगी। आने वाले समय में लखनऊ जंक्शन की कई प्रीमियम ट्रेनों को यहाँ शिफ्ट किया जा सकता है।
दूसरी तरफ, शहर की स्वच्छता को लेकर भी प्रशासन सख्त है। महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर निगम अधिकारियों को सुबह 6 से 9 बजे तक फील्ड में रहकर सफाई और जलभराव की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। लखनऊ ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में तीसरा स्थान पाया है। साथ ही, NAMASTE अभियान के तहत सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा किट बांटी गई हैं ताकि सीवर की सफाई मशीनों से हो सके और किसी की जान को जोखिम न हो।