Lucknow के गोलागंज में बदहाली का आलम, 200 साल पुराना अखाड़ा बना नशेड़ियों का अड्डा
Lucknow: राजधानी लखनऊ का पुराना और प्रमुख इलाका गोलागंज अब मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। वार्ड 87 के लोग सीवर ओवरफ्लो, गंदगी और ट्रैफिक जाम जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक धर
Lucknow: राजधानी लखनऊ का पुराना और प्रमुख इलाका गोलागंज अब मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। वार्ड 87 के लोग सीवर ओवरफ्लो, गंदगी और ट्रैफिक जाम जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐतिहासिक धरोहरें जर्जर हो चुकी हैं और बिजली के तारों का जंजाल हर तरफ फैला हुआ है।
इलाके की हालत इतनी खराब है कि घरों की नालियों को सीधे सीवर लाइन से जोड़ दिया गया है। वहीं, यहाँ स्थित 200 साल पुराना अखाड़ा अब अपनी पहचान खो चुका है और नशेड़ियों का अड्डा बन गया है। स्थानीय निवासी इन समस्याओं को लेकर काफी परेशान हैं।
शहर में सीवर और बिजली के तारों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने 29 जून 2026 को लखनऊ के 71 मैनहोलों के बीच से गुजरने वाले बिजली के केबलों को हटाने का आदेश दिया था ताकि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। जलकल विभाग के मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने बताया कि भूमिगत केबल के लिए नया रास्ता बनाकर इसका स्थायी समाधान किया जाएगा।
दूसरी तरफ, शहर के अन्य इलाकों जैसे जानकीपुरम और अलीगंज में भी सीवर की समस्या रही है, जिस पर विधायक नीरज बोरा ने नाराजगी जताई थी। इसके बाद जलकल विभाग ने निजी कंपनी सुएज इंडिया को 10 दिनों के भीतर समस्या दूर करने का नोटिस दिया है। महाप्रबंधक कुलदीप सिंह ने चेतावनी दी है कि लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
नशे की बढ़ती समस्या को देखते हुए लखनऊ पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने शहर में अभियान भी चलाया है। जनवरी 2026 में हुई छापेमारी में कई ड्रग माफियाओं को गिरफ्तार किया गया था और भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद की गई थीं। गोलागंज के अखाड़े की वर्तमान स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।