Lucknow में गजल गायकी को बढ़ावा देने की पहल, 25 जुलाई को आएंगे मशहूर गायक Chandan Das
Lucknow: नवाबों के शहर लखनऊ में गजल गायकी को जिंदा रखने और नए कलाकारों को तराशने के लिए एक खास पहल की गई है। पिछले ढाई महीने से शहर में गजल कार्यशाला चल रही है, जहां नए सीखने वालों को गायकी की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।
Lucknow: नवाबों के शहर लखनऊ में गजल गायकी को जिंदा रखने और नए कलाकारों को तराशने के लिए एक खास पहल की गई है। पिछले ढाई महीने से शहर में गजल कार्यशाला चल रही है, जहां नए सीखने वालों को गायकी की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। इस कार्यक्रम के समापन पर मशहूर गजल गायक Chandan Das लखनऊ पहुंचेंगे, जो संगीत प्रेमियों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगा।
इस कार्यशाला का नेतृत्व मिथिलेश लखनवी कर रहे हैं। वर्तमान में यह ट्रेनिंग हजरतगंज के पास सहायगंज स्थित ला प्लास कॉलोनी में दी जा रही है। शांति सांस्कृतिक कला केंद्र लखनऊ इस पूरे आयोजन में शामिल है और कला व कलाकारों को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। ट्रेनिंग के दौरान प्रतिभागियों को अहमद फ़राज़, निदा फ़ाज़ली, शमीम जयपुरी और कैफ़ी आज़मी जैसे बड़े शायरों की गजलों का गायन सिखाया गया। साथ ही लखनऊ के मीर तक़ी मीर और कृष्ण बिहारी नूर की रचनाओं पर भी जोर दिया गया है।
सुप्रसिद्ध गायक Chandan Das कई सालों बाद 25 जुलाई 2026 को लखनऊ आ रहे हैं। वे यहां नए गजल गायकों की प्रस्तुति सुनेंगे और खुद भी अपनी बेहतरीन गजलें पेश करेंगे। इस कार्यशाला का समापन समारोह 25 जुलाई की शाम को कैसरबाग स्थित भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के सामने कला मंडपम प्रेक्षागृह में आयोजित होगा। Chandan Das ने लखनऊ में इस तरह की कार्यशाला होने पर अपनी खुशी जाहिर की है।