UP : लखनऊ के मोहन सिंह बिष्ट सभागार में गंगा-जमुनी संस्कृति उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लोककला की अनूठी झलक देखने को मिली, जिसे देखने के लिए शहर के कलाकार, साहित्यकार और संस्कृति प्रेमी बड़ी संख्या में जुटे
UP : लखनऊ के मोहन सिंह बिष्ट सभागार में गंगा-जमुनी संस्कृति उत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लोककला की अनूठी झलक देखने को मिली, जिसे देखने के लिए शहर के कलाकार, साहित्यकार और संस्कृति प्रेमी बड़ी संख्या में जुटे। यह आयोजन आपसी भाईचारे और साझा विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था।
इस उत्सव का आयोजन किसने किया
इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ के लोक संस्कृति फाउंडेशन ने किया था। इसमें उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय का पूरा सहयोग रहा। इन संस्थाओं ने मिलकर लोककला और स्थानीय परंपराओं को मंच प्रदान किया ताकि लोग अपनी जड़ों से जुड़ सकें।
क्या होती है गंगा-जमुनी तहज़ीब
गंगा-जमुनी तहज़ीब उत्तरी भारत की उस खास संस्कृति को कहते हैं जहाँ हिंदू और मुस्लिम समुदाय मिल-जुलकर रहते हैं। इसमें भाषा, पहनावा, खान-पान, शिष्टाचार और वास्तुकला का एक मिला-जुला रूप दिखता है। लखनऊ को इस तहज़ीब का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है, जहाँ अलग-अलग धर्मों और परंपराओं का मेल साफ नजर आता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में गंगा-जमुनी संस्कृति उत्सव कहाँ आयोजित हुआ?
यह उत्सव लखनऊ के मोहन सिंह बिष्ट सभागार में आयोजित किया गया था, जिसमें लोककला की विभिन्न प्रस्तुतियाँ दी गईं।
इस कार्यक्रम को किन संस्थाओं ने मिलकर आयोजित किया?
इसका आयोजन लोक संस्कृति फाउंडेशन, लखनऊ ने उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, प्रयागराज और संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया था।