Lucknow में विदेशी लड़कियों का देह व्यापार रैकेट बस्ट, उज्बेकिस्तान की लोला गिरफ्तार, 7 बार कराई प्लास्टिक सर्जरी
Lucknow: लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की एक संयुक्त टीम ने उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला कायूमोवा को गिरफ्तार किया है। लोला पिछले एक साल से फरार थी और एक बहुत बड़े मानव तस्करी सिंडिकेट
Lucknow: लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की एक संयुक्त टीम ने उज्बेकिस्तान की नागरिक लोला कायूमोवा को गिरफ्तार किया है। लोला पिछले एक साल से फरार थी और एक बहुत बड़े मानव तस्करी सिंडिकेट को चला रही थी। वह उज्बेकिस्तान और नेपाल से लड़कियों को नौकरी का लालच देकर भारत लाती थी और फिर उन्हें देह व्यापार में धकेल देती थी।
पुलिस जांच में पता चला है कि लोला लड़कियों को ‘रशियन’ बताकर बेचती थी और उनके पासपोर्ट और जरूरी कागजात जब्त कर लेती थी। उसका यह नेटवर्क सिर्फ लखनऊ ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और पांच राज्यों में फैला हुआ था। इस पूरे रैकेट में करीब 150 से ज्यादा देशी और विदेशी महिलाएं शामिल थीं। लोला ने अपनी पहचान छुपाने के लिए बहुत ही अजीब तरीका अपनाया था। उसने अपने चेहरे, होंठ और अन्य अंगों की सात बार प्लास्टिक सर्जरी करवाई थी ताकि कोई उसे पहचान न सके। इसके अलावा उसने फर्जी शादी के कागजात बनवाकर आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे भारतीय दस्तावेज भी तैयार कर लिए थे।
इस मामले में लखनऊ के सर्जन डॉ. विवेक गुप्ता और त्रिजिन राज उर्फ अर्जुन राणा की भूमिका भी संदिग्ध है। डॉ. विवेक गुप्ता पर विदेशी महिलाओं की प्लास्टिक सर्जरी करने और उनकी पहचान छुपाने में मदद करने का आरोप है। उन्हें पहले क्लीन चिट मिल गई थी, लेकिन लोला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें फिर से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं त्रिजिन राज पर इन महिलाओं को रहने के लिए फ्लैट दिलाने का आरोप है।
| मुख्य आरोपी/संस्था | भूमिका/आरोप |
|---|---|
| लोला कायूमोवा | रैकेट की मास्टरमाइंड, तस्करी और देह व्यापार |
| डॉ. विवेक गुप्ता | प्लास्टिक सर्जरी कर पहचान छुपाने में मदद |
| त्रिजिन राज | महिलाओं के ठहरने का इंतजाम करना |
| IB और लखनऊ पुलिस | संयुक्त ऑपरेशन कर गिरफ्तारी की |
| FRRO | शुरुआती जानकारी और जांच में सहयोग |
दक्षिण डीसीपी मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि लोला और उसके साथियों से पूछताछ जारी है। पुलिस अब इस सिंडिकेट के बाकी सदस्यों और नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने की कोशिश कर रही है। डॉ. विवेक गुप्ता और त्रिजिन राज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और फॉरेनर्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।