UP: लखनऊ के इकाना स्टेडियम के पास देश की पहली नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन शनिवार, 30 मई 2026 को हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिलकर इस वाटिका की शुरुआत की। यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण भार
UP: लखनऊ के इकाना स्टेडियम के पास देश की पहली नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन शनिवार, 30 मई 2026 को हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिलकर इस वाटिका की शुरुआत की। यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण भारतीय नौसेना का रिटायर युद्धपोत INS गोमती है, जिसने 34 सालों तक समुद्र में देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली थी।
नौसेना शौर्य वाटिका क्या है और इसमें क्या खास है
यह एक ओपन एयर नेवल म्यूजियम और मेमोरियल पार्क है जिसे भारतीय नौसेना और यूपी पर्यटन विभाग ने मिलकर तैयार किया है। इसे करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से 2 एकड़ से ज्यादा जमीन पर बनाया गया है। यहाँ आने वाले लोग भारतीय नौसेना की ताकत और बहादुरी को करीब से देख सकेंगे। आने वाले समय में यहाँ एक पनडुब्बी (Submarine) भी लगाई जाएगी ताकि लोग उसके अंदर के सिस्टम को समझ सकें।
यहाँ क्या-क्या देखने को मिलेगा
शौर्य वाटिका में INS गोमती के साथ-साथ कई सैन्य उपकरण लगाए गए हैं। यहाँ आने वाले लोग निम्नलिखित चीजें देख सकते हैं:
- मिसाइल लॉन्चर और टॉरपीडो ट्यूब
- रडार और गन माउंटिंग
- युद्धपोत का लंगर (Anchor) और प्रोपेलर
- नेवल सर्विलांस एयरक्राफ्ट और मल्टीरोल हेलीकॉप्टर
- ब्रह्मोस मिसाइल और यूपी डिफेंस कॉरिडोर की जानकारी
नेताओं ने क्या कहा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह वाटिका आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उन्हें देश की आजादी व सुरक्षा की कीमत बताएगी। उन्होंने यूपी में कानून व्यवस्था में सुधार की तारीफ की। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसी मेमोरियल युवाओं में सेना के प्रति सम्मान बढ़ाती हैं और देश की सुरक्षा के बिना विकास संभव नहीं है। नेवल चीफ एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने यूपी के युवाओं द्वारा नौसेना में दी जा रही सेवाओं की सराहना की।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नौसेना शौर्य वाटिका कहाँ स्थित है और इसका मुख्य आकर्षण क्या है
यह वाटिका लखनऊ में इकाना स्टेडियम के पास स्थित है। इसका मुख्य आकर्षण सेवानिवृत्त युद्धपोत INS गोमती है, जिसने 34 साल तक समुद्री सीमाओं की सुरक्षा की।
इस प्रोजेक्ट को बनाने में कितना खर्च आया और किसने बनाया
इसे भारतीय नौसेना और उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के सहयोग से बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 19 करोड़ रुपये है।