Lucknow में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल, आवास विकास ऑफिस के बाहर की धान की रोपाई

Lucknow: राजधानी लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर-9 में बुधवार को किसानों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के कार्यालय पर पहुंचे किसानों ने जमीन अधिग्रहण के विरोध में वहां धान की रोपाई कर दी। किसा

Lucknow: राजधानी लखनऊ के वृंदावन योजना सेक्टर-9 में बुधवार को किसानों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के कार्यालय पर पहुंचे किसानों ने जमीन अधिग्रहण के विरोध में वहां धान की रोपाई कर दी। किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ जमीन को जबरन छीना जा रहा है, जबकि वे सालों से इसी जमीन पर खेती कर अपना गुजारा कर रहे हैं।

प्रदर्शन का नेतृत्व कृषक एकता समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता क्षितिज सिंह कर रहे थे। उनका कहना है कि परिषद 2013 के नए भूमि अधिग्रहण कानून को नजरअंदाज कर 1894 के पुराने कानून के तहत कार्रवाई कर रही है, जो किसानों के हक के खिलाफ है। किसानों ने साफ कर दिया है कि वे न तो अपनी जमीन देंगे और न ही किसी लैंड पूलिंग योजना का हिस्सा बनेंगे।

किसानों ने आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि 1894 के कानून के तहत चल रही प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए। साथ ही उन्होंने अपनी जमीनों की खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर लगी रोक हटाने और उनकी आपत्तियों की सुनवाई उनके गांवों में ही कराने की मांग की है। किसानों के मुताबिक, गृहस्थान योजना संख्या-1 का प्रकाशन दो साल पहले हुआ था, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है, जिससे वे आर्थिक संकट में फंस गए हैं।

इस मामले में जून 2024 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी व्यवस्था दी थी कि 1 जनवरी 2014 तक जिन अधिग्रहणों को अंतिम रूप नहीं दिया गया था, उन पर 2013 का नया कानून लागू होगा। इससे पहले 21 जून 2026 को भी डाड़ी, रेवरीडीह, शहरोज, मेघई और मुहम्मदपुर शहरोज के किसानों ने नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री से शिकायत की थी कि नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। यह प्रदर्शन तब समाप्त हुआ जब सहायक आयुक्त ने किसानों को उचित समाधान का आश्वासन दिया।

इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से सठवारा, भटवारा, मगहुआ, देहरामऊ, पहासा और शिवलर गांवों के किसान शामिल रहे।