UP : लखनऊ के यशोदा भवन में अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस के मौके पर एक खास साहित्यिक गोष्ठी हुई। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था काव्यायन’ ने किया था। यहां जुटे जानकारों ने इस बात पर चर्चा
UP : लखनऊ के यशोदा भवन में अंतर्राष्ट्रीय परिवार दिवस के मौके पर एक खास साहित्यिक गोष्ठी हुई। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था काव्यायन’ ने किया था। यहां जुटे जानकारों ने इस बात पर चर्चा की कि आज के दौर में जब रिश्ते टूट रहे हैं, तब परिवार ही समाज को संभालने वाली सबसे बड़ी ताकत है।
गोष्ठी में किन मुख्य बातों पर चर्चा हुई?
संस्था के संस्थापक अध्यक्ष और अधिवक्ता Ramnaresh Singh Rajput ने बताया कि पश्चिमी देशों में लोग अकेले रहना पसंद करते हैं, इसलिए वहां 15 मई को परिवार दिवस मनाया जाता है। लेकिन भारत में हमेशा से संयुक्त परिवार की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि आज के बदलते माहौल में संयुक्त परिवार की जरूरत पहले से ज्यादा बढ़ गई है क्योंकि यही संस्कारों और सामाजिक संतुलन को बनाए रखता है।
कौन-कौन रहे इस कार्यक्रम का हिस्सा?
इस चर्चा में मुख्य अतिथि अधिवक्ता Jagmohan Singh Lodhi और विशिष्ट अतिथि रजनी सिंह राजपूत, प्रो. डॉ. गजाधर सागर और वृन्दावन राय सरल शामिल हुए। मुख्य वक्ता के तौर पर PR Malaiya, Harshita Rajput और Tikaram Tripathi ने यूरोपीय और एशियाई साहित्य के उदाहरण देकर परिवार की व्यवस्था को समझाया। कार्यक्रम का संचालन Amit Athiya, Anil Srivastava और डॉ. अभय सिंह ने किया।
परिवार की रीढ़ किसे माना गया?
कार्यक्रम के दौरान मातृशक्ति को परिवार की असली ताकत और रीढ़ बताया गया। इसी कड़ी में Mamta Bhuriya को काव्य परिवार की मुखिया के रूप में अध्यक्ष चुना गया। इस मौके पर लखन शब्दाक्षरी, धर्मेंद्र आज़ाद, देवी सिंह राजपूत, मीता कनोजिया, पुष्पेंद्र दुबे और अन्य कई लोग मौजूद थे जिन्होंने भारतीय संस्कृति और परिवार के महत्व पर अपने विचार रखे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में परिवार दिवस पर कार्यक्रम किसने आयोजित किया था?
यह कार्यक्रम साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था काव्यायन द्वारा यशोदा भवन में आयोजित किया गया था।
संयुक्त परिवार के बारे में विशेषज्ञों ने क्या कहा?
विशेषज्ञों ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में संयुक्त परिवार की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है क्योंकि यह संस्कारों और सामाजिक संतुलन को बनाए रखने वाली शक्ति है।