UP: लखनऊ के मड़ियांव इलाके में पुलिस ने नकली नोटों की तस्करी करने वाले तीन लोगों को पकड़ा है। यह पूरा गिरोह आजमगढ़ से संचालित हो रहा था। पुलिस ने इनके पास से करीब 14 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। इस गिरोह के मास्ट
UP: लखनऊ के मड़ियांव इलाके में पुलिस ने नकली नोटों की तस्करी करने वाले तीन लोगों को पकड़ा है। यह पूरा गिरोह आजमगढ़ से संचालित हो रहा था। पुलिस ने इनके पास से करीब 14 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। इस गिरोह के मास्टरमाइंड मंजीत और संतोष अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस और ATS छापेमारी कर रही है।
कौन हुए गिरफ्तार और क्या है मामला
पुलिस ने घैला पुल के पास से आलोक सिंह, सोनू गोंड और बृजेश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया है। ये तीनों आजमगढ़ के रहने वाले हैं। सोनू गोंड पर पहले से ही बलात्कार और मारपीट के केस दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से 500 रुपये के 1402 नोट और 100 रुपये के 6946 नोट बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत 13.95 लाख रुपये है।
कैसे काम करता था यह नकली नोट का नेटवर्क
जांच में पता चला है कि यह गिरोह असली नोटों के बदले ज्यादा मात्रा में नकली नोट देने का लालच देता था। ये लोग 1 लाख असली नोटों के बदले 3 लाख नकली नोट देते थे। तस्करों को उनकी कमाई पर कमीशन मिलता था। कुछ रिपोर्ट के मुताबिक 1 लाख की कमाई पर 1000 रुपये मिलते थे, जबकि कुछ जानकारी के अनुसार मास्टरमाइंड मंजीत प्रधान 25 से 30 प्रतिशत तक कमीशन देता था।
पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच
डीसीपी नॉर्थ गोपाल कृष्ण चौधरी ने गिरफ्तारियों की पुष्टि की है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 179 और 180 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इनके खिलाफ NSA लगाने और गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति कुर्क करने की तैयारी कर रही है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क के मुंबई, नेपाल और खाड़ी देशों से कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नकली नोटों के बदले यह गिरोह क्या ऑफर करता था?
यह गिरोह खरीदारों को लुभाने के लिए 1 लाख असली नोटों के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट देने का वादा करता था।
इस मामले में कौन-कौन से अधिकारी और एजेंसियां शामिल हैं?
इस केस की जांच मड़ियांव पुलिस, क्राइम ब्रांच और ATS कर रही है। डीसीपी नॉर्थ गोपाल कृष्ण चौधरी और एडीसीपी ट्विंकल जैन इस मामले की निगरानी कर रहे हैं।