Lucknow में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 250 करोड़ की ठगी के आरोप में 119 गिरफ्तार
Lucknow: राजधानी के गोमतीनगर विस्तार में पुलिस ने एक बहुत बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ‘सोलारिस सॉल्यूशंस’ नाम से चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर से 119 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 92 पु
Lucknow: राजधानी के गोमतीनगर विस्तार में पुलिस ने एक बहुत बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ‘सोलारिस सॉल्यूशंस’ नाम से चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर से 119 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 92 पुरुष और 27 महिलाएं शामिल हैं। दो दिन की कड़ी पूछताछ के बाद इन सभी आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
यह कॉल सेंटर गोमतीनगर विस्तार की समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर चल रहा था। यहाँ काम करने वाले लोग मुख्य रूप से अमेरिका के नागरिकों को अपना निशाना बनाते थे। आरोपी खुद को FBI, यूएस ट्रेजरी और अमेज़न जैसी बड़ी कंपनियों या सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताते थे और लोगों को कानूनी कार्रवाई या बैंक खाता फ्रीज होने का डर दिखाकर उनसे पैसे वसूलते थे। यह पूरा काम शाम 7 बजे से रात 3 बजे तक होता था ताकि अमेरिका के समय के हिसाब से लोगों से बात की जा सके।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक करीब 200 करोड़ से 250 करोड़ रुपये की ठगी की है। ठगी की रकम को सीधे बैंक खातों में नहीं लिया जाता था, बल्कि गिफ्ट कार्ड, डिजिटल वाउचर और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए वसूला जाता था। बाद में इस पैसे को सोना-चांदी या हवाला के जरिए भारत लाया जाता था। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में सामान बरामद किया है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है:
| बरामद सामान | संख्या/विवरण |
|---|---|
| लैपटॉप | 100 से 103 |
| कॉलिंग मोबाइल फोन | 177 से 178 |
| अन्य | डिजिटल डेटा और फर्जी दस्तावेज |
पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर ने बताया कि यह गिरोह किसी कॉर्पोरेट कंपनी की तरह काम करता था, जहाँ अलग-अलग टीमों को अलग-अलग काम सौंपे गए थे। इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड विनीत शर्मा है, जो अहमदाबाद का रहने वाला है और फिलहाल फरार है। हालांकि, ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए युवाओं में गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, नागालैंड और मणिपुर जैसे राज्यों के लोग शामिल हैं, जो अंग्रेजी बोलने में काफी माहिर थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार के अनुसार, अब सर्वर, ईमेल और पैसों के लेन-देन के रास्तों की जांच की जा रही है।