UP : लखनऊ के हजरतगंज इलाके से पुलिस ने एक ऐसे ठग को पकड़ा है जो बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर लाखों रुपये लूट रहा था. आरोपी ने एक व्यक्ति से 35 लाख रुपये ऐंठे और उसे फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए. प
UP : लखनऊ के हजरतगंज इलाके से पुलिस ने एक ऐसे ठग को पकड़ा है जो बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर लाखों रुपये लूट रहा था. आरोपी ने एक व्यक्ति से 35 लाख रुपये ऐंठे और उसे फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिए. पुलिस ने आरोपी निखिल वर्मा को पुरनिया चौराहा से गिरफ्तार किया है.
निखिल वर्मा ने कैसे की ठगी
आरोपी निखिल वर्मा अलीगंज के चौधरी टोला का रहने वाला है. उसने खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कार्यालय में OSD या उसका स्टेनो बताकर लोगों को झांसा दिया. उसने हुसैनगंज के रहने वाले प्रशांत कुमार दुबे को वीडियो ऑफिसर (VDO) और समाज कल्याण पर्यवेक्षक की नौकरी दिलाने का वादा किया था. जून 2023 से जनवरी 2025 के बीच उसने प्रशांत से 35 लाख रुपये लिए और उनके असली दस्तावेज भी अपने पास रख लिए.
फर्जी नियुक्ति पत्र और पुलिस की कार्रवाई
जब नौकरी मिलने में देरी हुई और पीड़ित ने दबाव बनाया, तो आरोपी ने फर्जी नियुक्ति पत्र भेज दिए. जब प्रशांत ने इन पत्रों की जांच समाज कल्याण विभाग से कराई, तो वे फर्जी निकले. इसके बाद 9 जनवरी 2026 को हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया. पुलिस उपायुक्त मध्य के निर्देश पर बनी टीम ने मुखबिर की मदद से निखिल को गिरफ्तार किया. आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है और पुलिस अब उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी ने खुद को क्या बताकर ठगी की थी?
आरोपी निखिल वर्मा ने खुद को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कार्यालय में OSD या OSD का स्टेनो बताकर लोगों को विश्वास में लिया और नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
पीड़ित के साथ क्या धोखाधड़ी हुई थी?
पीड़ित प्रशांत कुमार दुबे से VDO और समाज कल्याण पर्यवेक्षक के पद पर नौकरी के नाम पर 35 लाख रुपये लिए गए और उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र दिए गए।