UP: लखनऊ के पुराने इलाकों में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लेसा (LESA) की रेड टीम और विजिलेंस टीम ने यासीनगंज और अंबरगंज इलाकों में छापेमारी कर बड़े पैमाने पर चोरी पकड़ी है। इस कार्रवाई से उन लोगों
UP: लखनऊ के पुराने इलाकों में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लेसा (LESA) की रेड टीम और विजिलेंस टीम ने यासीनगंज और अंबरगंज इलाकों में छापेमारी कर बड़े पैमाने पर चोरी पकड़ी है। इस कार्रवाई से उन लोगों में हड़कंप मच गया है जो अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल कर रहे थे।
कहां और कैसे हुई यह कार्रवाई
यह पूरा अभियान 10 जून की रात और 11 जून की सुबह चलाया गया। आज़ादनगर उपकेंद्र के तहत आने वाले यासीनगंज और अंबरगंज क्षेत्रों को ज्यादा लाइन लॉस के कारण संवेदनशील माना गया था। जांच के दौरान दो ई-रिक्शा गैरेज समेत कुल 12 जगहों पर बिजली चोरी पकड़ी गई, जहां करीब 35 ई-रिक्शा अवैध रूप से चार्ज हो रहे थे।
आम जनता पर क्या पड़ रहा था असर
लखनऊ मध्य जोन के मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने बताया कि इन बिजली चोरों की वजह से पिछले एक हफ्ते से केबल जलने की घटनाएं हो रही थीं। इसकी वजह से इलाके के ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती और ट्रिपिंग का सामना करना पड़ रहा था। भीषण गर्मी में लोगों को बिना रुकावट बिजली देने के लिए यह अभियान चलाया गया।
दोषियों पर क्या होगी कानूनी कार्रवाई
बिजली चोरी में पकड़े गए सभी लोगों के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा-135 के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे पहले करीमगंज और रज्जबगंज इलाकों में भी ऐसी ही कार्रवाई हुई थी, जहां 23 ई-रिक्शा पकड़े गए और नसीमा बानो व अर्शी नाम की दो महिलाओं पर एफआईआर दर्ज की गई थी। चौक और करीमगंज में भी 12 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है, जहां कुछ घरों में अवैध कनेक्शन से AC भी चलते मिले थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बिजली चोरी की कार्रवाई किन इलाकों में हुई?
यह कार्रवाई मुख्य रूप से पुराने लखनऊ के यासीनगंज, अंबरगंज, करीमगंज और चौक जैसे इलाकों में की गई, जो आज़ादनगर उपकेंद्र के अंतर्गत आते हैं।
बिजली चोरी पकड़े जाने पर क्या कानूनी कार्रवाई की गई?
बिजली चोरी में शामिल पाए गए उपभोक्ताओं और गैरेज मालिकों के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा-135 के तहत कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की गई है।