Lucknow में बिजली चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, मीटर बाईपास करने वाले 11 उपभोक्ता पकड़े गए
Lucknow: राजधानी लखनऊ में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार, 16 जून 2026 को चलाए गए एक सघन चेकिंग अभियान में 11 उपभोक्ताओं को मीटर बाईपास कर बिजली चोरी करते हुए रंग
Lucknow: राजधानी लखनऊ में बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार, 16 जून 2026 को चलाए गए एक सघन चेकिंग अभियान में 11 उपभोक्ताओं को मीटर बाईपास कर बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि लाइन लॉस कम करने के लिए यह अभियान आगे भी बिना किसी ढील के जारी रहेगा।
इस कार्रवाई के दौरान पकड़े गए सभी उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी अमौसी, लखनऊ मध्य और गोमती नगर जोन में की गई। मुख्य अभियंता रवि कुमार अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया ताकि अवैध बिजली कनेक्शनों पर लगाम लगाई जा सके।
अमौसी जोन में अधिशासी अभियंता के निर्देशन में हुई जांच में ललित वर्मा, रामचंद्र, रामकिशुन श्रीवास्तव, श्रवण और राजू लोधी को बिजली चोरी करते पकड़ा गया, जिनका लोड 2.239 किलोवाट से 8.612 किलोवाट तक था। वहीं लखनऊ मध्य के राजाजीपुरम इलाके से मयंक सक्सेना और प्रभा वर्मा पकड़े गए। जानकीपुरम जोन के दाऊद नगर इलाके में जगत नारायण नाम का व्यक्ति घरेलू कनेक्शन से केबल जोड़कर 7.5 किलोवाट का युवा स्पोर्ट्स सेंटर अवैध रूप से चला रहा था। इसके अलावा गोमती नगर जोन के छोटा भरवारा, लौलाई और विराज खंड-2 उपकेंद्रों से भी 3 उपभोक्ताओं को पकड़ा गया।
बिजली विभाग के पीआरओ केके सिंह और अधीक्षण अभियंता प्रशांत कुमार ने कहा कि कनेक्शन कटने के बाद भी बिना रिचार्ज किए बिजली का उपयोग करना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने लोगों को चेतावनी दी है कि विभाग समय-समय पर ऐसे छापे मारता रहेगा। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में भी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें 10 जून को यासीनगंज और अंबरगंज में 35 ई-रिक्शा को चोरी की बिजली से चार्ज करते हुए पकड़ा गया था।
बिजली चोरी रोकने के लिए पावर कारपोरेशन ने ‘बिजली मित्र’ लिंक भी शुरू किया है, जिसके जरिए कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर चोरी की शिकायत कर सकता है। हालांकि, विभाग ने यह भी साफ किया है कि चोरी के मामलों में अब आसानी से छूट नहीं दी जाएगी, जैसा कि हाल ही में विद्युत नियामक आयोग ने भी स्पष्ट किया है।