Lucknow में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट, खंभों और ट्रांसफार्मर में लगी आग, लोग परेशान

Lucknow: राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी के कारण बिजली की किल्लत बढ़ गई है जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शहर के कई इलाकों में बिजली के खंभों और तारों में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं, जिसकी वजह से घंटों तक बिजली गुल

Lucknow: राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी के कारण बिजली की किल्लत बढ़ गई है जिससे आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शहर के कई इलाकों में बिजली के खंभों और तारों में आग लगने की घटनाएं हो रही हैं, जिसकी वजह से घंटों तक बिजली गुल रही। पीजीआई क्षेत्र और लाटूश रोड जैसे इलाकों में लोग बिजली कटौती से काफी परेशान हैं।

ताजा अपडेट के मुताबिक 16 जून को पीजीआई क्षेत्र में बिजली के खंभों और तारों में आग लगने से लाटूश रोड पर करीब 7 घंटे तक बिजली बाधित रही। यह समस्या केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि जून के महीने में कई बार ऐसा हुआ है। 9 जून को जगतखेड़ा और धनपाल खेड़ा में ट्रांसफार्मर फटने से 20 से 27 घंटे तक बिजली नहीं आई, जिससे दो हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए। इसके अलावा सैनिक नगर और गोसाईंगंज के माढ़रमऊ गांव में भी बिजली के खंभों और तारों में आग लगने की खबरें आईं।

7 जून को चिनहट, डालीगंज, तेलीबाग और मलिहाबाद जैसे शहरी और ग्रामीण इलाकों में शॉर्ट सर्किट और केबल फॉल्ट के कारण भारी समस्या हुई। नजीराबाद के व्यापारियों ने इस कटौती के विरोध में प्रदर्शन भी किया। मई महीने के दूसरे पखवाड़े में भी ऐसी घटनाओं में तेजी आई थी। अग्निशमन विभाग के अनुसार 21 और 22 मई को ही 8 ट्रांसफार्मर और 38 बिजली के खंभों में आग लगने की घटनाएं दर्ज की गई थीं।

अधिकारी/संस्था बयान/निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
डॉ. आशीष गोयल (UPPCL अध्यक्ष) रात 10 बजे के बाद लोड बढ़ने से फ्यूज खराब हो रहे हैं, सही क्षमता के फ्यूज लगाने को कहा।
रिया केजरीवाल (MD, MVVNL) पीक आवर्स के लिए 22 वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई, बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है।
ए.के. शर्मा (ऊर्जा मंत्री) स्थानीय दोषों के कारण आपूर्ति बाधित हुई, 1090 शिकायत केंद्र का निरीक्षण किया।
अंकुश मित्तल (CFO) कूलिंग उपकरणों के ज्यादा इस्तेमाल से पुराने ट्रांसफार्मर और लाइनों पर दबाव बढ़ रहा है।

इस संकट के बीच पावर एम्प्लॉइज यूनियन ने आरोप लगाया है कि खराब प्लानिंग और जनशक्ति की कमी की वजह से यह स्थिति बनी है और फील्ड स्टाफ को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद शिकायतों के निपटारे में तेजी आई है और शिकायतों की संख्या में 20% की कमी देखी गई है।

बिजली कटौती की शिकायत के लिए MVVNL ने टोल-फ्री नंबर 1912 या 1800-410-1912 जारी किया है। इसके अलावा लोग व्हाट्सएप नंबर 7669003409 पर भी अपनी शिकायत भेज सकते हैं।