Lucknow में बिजली संविदा कर्मचारियों का सत्याग्रह, 14 सूत्रीय मांगों को लेकर अधीक्षण अभियंता को सौंपा ज्ञापन

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर सत्याग्रह किया। विद्युत संविदा मजदूर संगठन के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता क

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर सत्याग्रह किया। विद्युत संविदा मजदूर संगठन के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता को 14 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पूरा करने की मांग की है। यह विरोध प्रदर्शन केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश के कई अन्य जनपदों में भी देखा गया।

कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग यह है कि सरकार द्वारा बनाए गए आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) में विद्युत विभाग के सभी आउटसोर्स कर्मियों को शामिल किया जाए। इसके अलावा, संविदा कर्मियों ने अपनी छंटनी पर रोक लगाने और जिन कर्मचारियों को पहले ही हटाया जा चुका है, उन्हें वापस काम पर लेने की मांग की है। वेतन को लेकर भी उनकी स्पष्ट मांग है कि न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये प्रति माह किया जाए और कुशल कर्मचारियों के लिए इसे 22,000 रुपये तय किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और कार्य स्थितियों पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। संगठन ने आरोप लगाया कि सुरक्षा उपकरणों के लिए बजट होने के बावजूद कर्मचारियों को जरूरी किट नहीं मिल रहे हैं, जिससे हादसे बढ़ रहे हैं। साथ ही, संविदा कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 55 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने और फेसियल अटेंडेंस सिस्टम को व्यावहारिक बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

इस सत्याग्रह में संगठन के अध्यक्ष और मीडिया प्रभारी विमल चंद्र पांडेय, पुनीत राय, गोविंद मिश्रा, माता प्रसाद पांडेय सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। इसी कड़ी में शाहजहांपुर में भी संविदा कर्मियों ने कार्य का बहिष्कार किया और 5 घंटे तक प्रदर्शन कर 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

दूसरी ओर, विभाग की ओर से अनुपयोगी संविदाकर्मियों की पहचान के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी 15 दिनों के भीतर कर्मचारियों के तकनीकी ज्ञान और उनके व्यवहार की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर अनुपयोगी कर्मियों को हटाया जा सकता है।