Lucknow में बिजली बिलों ने बढ़ाई टेंशन, मनमाने लोड वृद्धि से दोगुना आया बिल; उपभोक्ता परेशान
Lucknow : राजधानी लखनऊ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए जुलाई महीने का बिल बड़ी मुसीबत बन गया है। शहर के कई इलाकों में बिल की रकम अचानक दोगुनी हो गई है, जिससे लोग परेशान हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग ने बिना किसी सूचना क
Lucknow : राजधानी लखनऊ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए जुलाई महीने का बिल बड़ी मुसीबत बन गया है। शहर के कई इलाकों में बिल की रकम अचानक दोगुनी हो गई है, जिससे लोग परेशान हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग ने बिना किसी सूचना के बिजली का लोड बढ़ा दिया है और अब शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो रही है।
शहर के हुसैनगंज, जानकीपुरम, अमौसी और गोमती नगर जैसे इलाकों के लोग बिजली दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। कई उपभोक्ताओं ने वहां तैनात कर्मियों द्वारा अभद्रता किए जाने की शिकायत भी की है। इस मामले में लखनऊ मध्य जोन के अधीक्षण अभियंता मुकेश त्यागी ने कहा कि गलत बिलों को ठीक करने का काम चल रहा है और सभी की शिकायतें दर्ज की जा रही हैं। वहीं मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक रजत जुनेजा ने आश्वासन दिया है कि जमानत धनराशि की गलत गणना की जांच कर बिल दुरुस्त किए जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, पावर कॉर्पोरेशन ने प्रदेश भर में करीब 47 लाख उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड बढ़ा दिया है, जिनमें लखनऊ के 3.64 लाख लोग शामिल हैं। यह कदम उन लोगों के खिलाफ उठाया गया जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच तीन बार लोड का उल्लंघन किया था। पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक प्रशांत वर्मा ने बताया कि यह प्रक्रिया विद्युत आपूर्ति संहिता-2005 और टैरिफ आदेश 2025-26 के नियमों के तहत की गई है। अब लोड बढ़ाने के बाद उपभोक्ताओं को एसएमएस के जरिए जानकारी दी जा सकती है, जबकि पहले नोटिस देना जरूरी था।
इस लोड वृद्धि का सबसे बुरा असर गरीब और बीपीएल परिवारों पर पड़ा है, जो अब सब्सिडी योजना से बाहर हो गए हैं। अनुमान है कि ग्रामीण उपभोक्ताओं पर हर महीने 165 रुपये और शहरी उपभोक्ताओं पर 435 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस कार्रवाई का विरोध किया है और नियामक आयोग में मामला दर्ज कराकर इस प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है।
हालांकि, जुलाई के बिलों में एक राहत की खबर भी है। UPPCL ने फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) के नकारात्मक होने के कारण बिलों में 4.43% की कटौती की है। इससे उपभोक्ताओं को कुल 358.31 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा, जिसमें जून में गलत तरीके से वसूले गए 10% फ्यूल सरचार्ज की वापसी भी शामिल है।
दूसरी ओर, बिजली चोरी के खिलाफ भी अभियान जारी है। गोमतीनगर और चिनहट जैसे इलाकों में बिजली चोरी के मामले पकड़े गए हैं, जिन पर एफआईआर दर्ज की गई है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बिना अनुमति दरों में वृद्धि जैसे फैसलों पर नाराजगी जताई है और कहा है कि ऐसे कदमों से सरकार की छवि खराब होती है।