UP : लखनऊ में दहेज की लालच में एक नवविवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने अपने पति और ससुराल के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में पति समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और उत्पीड़न की
UP : लखनऊ में दहेज की लालच में एक नवविवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया। पीड़िता ने अपने पति और ससुराल के अन्य सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में पति समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई गई है।
क्या है पूरा मामला और क्या थी मांग
पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिनों बाद उसके ससुराल वालों ने दहेज की मांग शुरू कर दी थी। ससुराल पक्ष की ओर से एसी (AC) और एक चार पहिया कार की मांग की जा रही थी। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अंत में उसे अपमानित कर घर से बाहर निकाल दिया गया।
दहेज उत्पीड़न पर क्या कहता है कानून
भारत में दहेज लेना और देना दोनों अपराध हैं। दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत इसे दंडनीय बनाया गया है। भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता से संबंधित है। नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 80 और 85 में भी दहेज मृत्यु और क्रूरता के लिए कड़े प्रावधान दिए गए हैं।
लखनऊ में बढ़ते दहेज के मामले
राजधानी लखनऊ में पिछले कुछ समय से दहेज से जुड़े कई संदिग्ध मामले सामने आए हैं। मई और जून 2026 के दौरान ठाकुरगंज इलाके में श्वेता सिंह और सआदतगंज में मानसी नामक महिलाओं की संदिग्ध मौत के मामले सामने आए, जिनमें ससुराल पक्ष पर कार की मांग को लेकर उत्पीड़न के आरोप लगे थे। पुलिस इन सभी मामलों की जांच कर रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दहेज उत्पीड़न के खिलाफ कौन सी कानूनी धाराएं लगती हैं?
दहेज उत्पीड़न के मामलों में IPC की धारा 498A और दहेज निषेध अधिनियम, 1961 लागू होता है। नए कानून BNS 2023 की धारा 80 और 85 के तहत भी कार्रवाई की जाती है।
लखनऊ के इस मामले में ससुराल वालों ने क्या मांगा था?
पीड़िता के अनुसार, उसके ससुराल पक्ष ने शादी के बाद एसी (AC) और एक चार पहिया कार की मांग की थी, जिसे पूरा न करने पर उसे प्रताड़ित किया गया।