UP : लखनऊ में दहेज की लालच में एक युवक ने सगाई के बाद शादी तोड़ने का फैसला किया। मामला तब बढ़ा जब युवक और उसके परिवार ने 10 लाख रुपये और एक कार की मांग की। मांग पूरी न होने पर रिश्ता तोड़ दिया गया, जिसके बाद पीड़ित पक्ष
UP : लखनऊ में दहेज की लालच में एक युवक ने सगाई के बाद शादी तोड़ने का फैसला किया। मामला तब बढ़ा जब युवक और उसके परिवार ने 10 लाख रुपये और एक कार की मांग की। मांग पूरी न होने पर रिश्ता तोड़ दिया गया, जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने युवक, उसकी मां और बहन के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया है।
दहेज की मांग और सगाई टूटने का मामला क्या है?
लखनऊ में सगाई के बाद युवक के परिवार ने दहेज में 10 लाख रुपये और एक कार मांगी थी। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया और सगाई तोड़ दी। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने कानूनी रास्ता अपनाया और युवक समेत उसकी मां और बहन पर केस दर्ज कराया है। शहर में दहेज की यह समस्या अब भी गंभीर बनी हुई है।
दहेज उत्पीड़न के खिलाफ क्या हैं कानूनी नियम?
दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत दहेज लेना या देना अपराध है, जिसमें 5 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए के तहत दहेज उत्पीड़न के मामले में पति और रिश्तेदारों को 3 साल तक की कैद हो सकती है। अगर स्त्रीधन लौटाने से इनकार किया जाता है, तो धारा 406 के तहत कार्रवाई की जाती है।
UP पुलिस के नए नियमों का असर
उत्तर प्रदेश में अब दहेज उत्पीड़न जैसे 31 मामलों में पुलिस सीधे FIR दर्ज नहीं करेगी। नए नियमों के मुताबिक, पहले मजिस्ट्रेट के पास मुकदमा दायर करना होगा और अदालत की अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। साथ ही, हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कहा है कि सात साल तक की सजा वाले मामलों में बिना ठोस कारण के सीधे गिरफ्तारी नहीं की जा सकती।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दहेज लेने पर कितनी सजा का प्रावधान है?
दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के तहत दहेज लेने या देने पर 5 साल तक की कैद और 15,000 रुपये या दहेज की कीमत के बराबर जुर्माना लगाया जा सकता है।
UP में दहेज उत्पीड़न के मामलों में FIR की क्या प्रक्रिया है?
UP पुलिस के नए नियम के अनुसार, दहेज उत्पीड़न सहित 31 मामलों में पहले मजिस्ट्रेट के पास मुकदमा दायर करना होगा, फिर अदालत की अनुमति के बाद FIR दर्ज होगी।