Lucknow में घरेलू कामगारों ने उठाई सामाजिक सुरक्षा की मांग, जिला श्रम कार्यालय में हुआ संवाद
Lucknow: राजधानी लखनऊ के जिला श्रम कार्यालय में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस के मौके पर एक खास संवाद कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में शहर के अलग-अलग इलाकों जैसे जुगौली, पलटन छावनी, श्रम विहार नगर, पारा और म
Lucknow: राजधानी लखनऊ के जिला श्रम कार्यालय में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय घरेलू कामगार दिवस के मौके पर एक खास संवाद कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में शहर के अलग-अलग इलाकों जैसे जुगौली, पलटन छावनी, श्रम विहार नगर, पारा और मड़ियांव से करीब 70 घरेलू कामगार महिलाएं पहुंचीं। विज्ञान फाउंडेशन और श्रम विभाग ने मिलकर ‘इंडिया लेबर लाइन’ कार्यक्रम के तहत इस आयोजन को पूरा किया।
कार्यक्रम के दौरान अपर श्रम आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव ने महिलाओं को ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से जुड़ने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि इससे कामगारों को बुढ़ापे में पेंशन और सामाजिक सुरक्षा जैसी सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। सहायक श्रम आयुक्त शिप्रा चतुर्वेदी ने कहा कि विभाग का मकसद सभी तरह के श्रमिकों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाना है ताकि उन्हें उनका हक मिल सके।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी पल्लवी ने कागजातों को सही रखने और पात्रता की जानकारी होने पर जोर दिया, जबकि शक्ति राय ने बताया कि घरेलू कामगार अपनी समस्याओं के लिए जिला कार्यालय या ‘इंडिया लेबर लाइन’ के जरिए संपर्क कर सकते हैं। इस दौरान कामगार लक्ष्मी ने एक महत्वपूर्ण सुझाव दिया कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए चलने वाले ‘अटल आवासीय विद्यालय’ की सुविधा घरेलू कामगारों के बच्चों को भी मिलनी चाहिए।
कामगार महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर अपर श्रमायुक्त को एक ज्ञापन भी सौंपा। बता दें कि असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम 2008 और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 जैसे कानून घरेलू कामगारों को श्रमिक का दर्जा देते हैं। साथ ही सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 भी उनके वेतन और सुरक्षा के लिए नियम तय करती है। उत्तर प्रदेश श्रम विभाग 5 जून से 21 जून 2026 तक एक विशेष जनकल्याण अभियान चला रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा श्रमिक सरकारी योजनाओं से जुड़ सकें।