Lucknow में डॉक्टरों का कमाल, 480 ग्राम की नवजात बच्ची को 84 दिन के इलाज के बाद मिला नया जीवन

Lucknow: राजधानी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने एक ऐसा चमत्कार कर दिखाया है जिसने चिकित्सा जगत को हैरान कर दिया है। समय से पहले जन्मी एक बच्ची, जिसका वजन जन्म के समय सिर्फ 480 ग्राम था, उसे 84 दिनों के कठिन इलाज

Lucknow: राजधानी लखनऊ के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने एक ऐसा चमत्कार कर दिखाया है जिसने चिकित्सा जगत को हैरान कर दिया है। समय से पहले जन्मी एक बच्ची, जिसका वजन जन्म के समय सिर्फ 480 ग्राम था, उसे 84 दिनों के कठिन इलाज के बाद सुरक्षित घर भेज दिया गया है। यह मामला न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश और दुनिया के स्तर पर भी बेहद खास माना जा रहा है।

लखीमपुर खीरी के पलिया निवासी गोविंद बंसल और अर्चना बंसल की यह बेटी 23 अप्रैल 2026 को गर्भावस्था के 26वें हफ्ते में ही पैदा हो गई थी। जन्म के समय बच्ची की हालत बहुत गंभीर थी और समय से पहले जन्म होने के कारण उसके शरीर के ज्यादातर अंग पूरी तरह विकसित नहीं हुए थे। बच्ची को लंबे समय तक वेंटिलेटर पर रखना पड़ा और उसकी जान बचाने के लिए कई बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी किया गया।

दलिगंज स्थित Children Medical Center (CMC) के NICU में बच्ची का इलाज चला। मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर नियोनटोलॉजिस्ट डॉ. Ashutosh Verma और उनकी टीम ने 24 घंटे निगरानी रखकर बच्ची की देखभाल की। डॉ. वर्मा ने बताया कि 480 ग्राम के बच्चे को बचाना एक बहुत बड़ी चुनौती थी, जिसके लिए आधुनिक तकनीक और लगातार सतर्कता की जरूरत थी।

84 दिनों के जटिल इलाज के बाद अब बच्ची की सेहत में काफी सुधार है। उसका वजन बढ़कर 770 ग्राम हो गया है और अब वह बिना किसी बाहरी ऑक्सीजन के सामान्य हवा में सांस ले रही है। बच्ची अब हर तीन घंटे में 15 मिलीलीटर दूध पी रही है और उसके सभी जरूरी हेल्थ पैरामीटर्स सामान्य हैं।

विवरण जानकारी
बच्ची का जन्म वजन 480 ग्राम
इलाज की अवधि 84 दिन
वर्तमान वजन 770 ग्राम
अस्पताल का नाम Children Medical Center (CMC), लखनऊ
मुख्य डॉक्टर डॉ. Ashutosh Verma
रिकॉर्ड UP में सबसे कम वजन के बच्चे का सफल इलाज

डॉक्टरों का दावा है कि उत्तर प्रदेश में अब तक सबसे कम वजन के बच्चे को बचाने का यह एक रिकॉर्ड है, क्योंकि इससे पहले सबसे कम वजन 685 ग्राम था। राष्ट्रीय स्तर पर यह चौथा और दुनिया के टॉप 10 मामलों में से एक माना जा रहा है। बच्ची के पिता गोविंद बंसल ने डॉक्टरों और मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया है।