UP: लखनऊ के जिला कोर्ट क्षेत्र में नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। निगम की टीम ने कई वकीलों के चैंबरों की दीवारों पर लाल क्रॉस लगाकर उन्हें चिह्नित किया है। इसके साथ ही वहां नोटिस भी चिपकाए गए हैं, जिसमे
UP: लखनऊ के जिला कोर्ट क्षेत्र में नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। निगम की टीम ने कई वकीलों के चैंबरों की दीवारों पर लाल क्रॉस लगाकर उन्हें चिह्नित किया है। इसके साथ ही वहां नोटिस भी चिपकाए गए हैं, जिसमें अवैध निर्माण हटाने के लिए 16 मई तक का समय दिया गया है। अगर इस तारीख तक कब्जा नहीं हटाया गया, तो 17 मई को प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।
नगर निगम ने क्यों की यह कार्रवाई?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने सार्वजनिक रास्तों से अवैध कब्जों को हटाने का आदेश दिया था। कोर्ट का मानना है कि इन अतिक्रमणों की वजह से आम जनता को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने साफ कहा है कि अवैध अतिक्रमण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। नगर निगम ने कोर्ट को बताया कि इस क्षेत्र में कुल 72 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जिनमें वकीलों के चैंबर और कुछ दुकानें शामिल हैं।
पहले भी दिए गए थे नोटिस, अब फिर शुरू हुआ अभियान
अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक, हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इससे पहले 7 अप्रैल 2026 को भी कैसरबाग कचहरी के पास 72 अवैध कब्जों को हटाने का नोटिस दिया गया था, जिसकी समय सीमा 22 अप्रैल थी। इसके बाद 25 अप्रैल को कार्रवाई होनी थी, लेकिन पुलिस बल की कमी के कारण वह काम पूरा नहीं हो पाया था। राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने भी अदालत में पुलिस बल न मिल पाने की बात कही थी।
दुकानदारों और वकीलों का क्या है कहना?
इस कार्रवाई से क्षेत्र के दुकानदारों में भी डर है। बसंत लाल टी स्टॉल के मालिक दीपक ने बताया कि वे पिछले 50-55 सालों से अपनी दुकान चला रहे हैं। उनका कहना है कि केवल दुकानों को हटाने से जाम की समस्या खत्म नहीं होगी, क्योंकि असली समस्या वकीलों के चैंबरों की वजह से है। फिलहाल सभी की नजरें 17 मई पर टिकी हैं, जब निगम अपनी अंतिम कार्रवाई कर सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
वकीलों के चैंबर हटाने के लिए आखिरी तारीख क्या है?
नगर निगम ने अतिक्रमण हटाने के लिए 16 मई तक का समय दिया है। यदि कब्जा नहीं हटाया गया, तो 17 मई 2026 को कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई किस आधार पर की जा रही है?
यह कार्रवाई इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के आदेश पर की जा रही है, ताकि सार्वजनिक रास्तों से अवैध कब्जे हटाकर आम जनता की परेशानी दूर की जा सके।