Lucknow कोर्ट में वकीलों ने दो भाइयों पर किया हमला, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले को बताया गंभीर
Lucknow: राजधानी के जिला न्यायालय में जमीन के विवाद की पैरवी करने पहुंचे दो सगे भाइयों पर वकीलों ने हमला कर दिया. इस घटना में उन्हें बंधक बनाकर मारने की कोशिश भी की गई. मामला इतना बढ़ गया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस पर क
Lucknow: राजधानी के जिला न्यायालय में जमीन के विवाद की पैरवी करने पहुंचे दो सगे भाइयों पर वकीलों ने हमला कर दिया. इस घटना में उन्हें बंधक बनाकर मारने की कोशिश भी की गई. मामला इतना बढ़ गया कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है और इसे न्याय व्यवस्था में दखल देने वाला गंभीर मामला माना है.
घटना 21 जुलाई 2026 की है जब मोहम्मद शाकिर और उनके भाई आसिफ कुर्सी रोड, कल्याणपुर में 1990 में खरीदी गई जमीन के मुकदमे के सिलसिले में कोर्ट पहुंचे थे. आरोप है कि वकील सौरभ कुमार वर्मा और उनके साथियों ने उन पर हमला किया. अगले दिन यानी 22 जुलाई को जब एक भाई दोबारा कोर्ट गया, तो आरोपियों ने उसे फिर से पीटा. इस हमले में दिल्ली से आए वकील अभिप्सा मोहंती, कोमल अग्रवाल और आशुतोष श्रीवास्तव भी शामिल थे, जो अपने मुवक्किल की तरफ से वकालतनामा दाखिल करने आए थे.
इलाहाबाद हाई कोर्ट की विशेष खंडपीठ, जिसमें न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला शामिल थे, ने इस मामले को अब एक जनहित याचिका (PIL) में बदल दिया है. कोर्ट ने जिला जज और पुलिस कमिश्नर से सीसीटीवी फुटेज के साथ विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट में एक वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें कुछ वकीलों को मोहम्मद शाकिर पर हमला करते हुए देखा गया.
वजीरगंज पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत पर वकील सौरभ वर्मा समेत चार नामजद और करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज किए हैं. पुलिस अब आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है. हाई कोर्ट ने पीड़ित वकीलों को लखनऊ में रहने के दौरान पुलिस सुरक्षा देने का भी आदेश दिया है. इसके अलावा, 7 जुलाई को एक विवादित संपत्ति पर वकीलों की वेशभूषा में कुछ लोगों के जबरन घुसने का मामला भी सामने आया है, जिस पर हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर समेत बड़े अधिकारियों को तलब किया है.