UP : लखनऊ के जिला कोर्ट परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर कब्जा जमाए बैठे लोगों की अब खैर नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अवैध चैंबरों और अतिक्रमण को हटाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब 12
UP : लखनऊ के जिला कोर्ट परिसर और उसके आसपास के रास्तों पर कब्जा जमाए बैठे लोगों की अब खैर नहीं है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अवैध चैंबरों और अतिक्रमण को हटाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट के आदेश के बाद अब 12 मई 2026 को नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ इन अवैध निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई करेगी।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कब और कहां होगी?
नगर निगम ने कोर्ट को बताया है कि अतिक्रमण हटाने का अभियान 12 मई को चलाया जाएगा। यह कार्रवाई कैसरबाग स्थित जिला कोर्ट, पुराने हाईकोर्ट परिसर, कलेक्ट्रेट और आसपास के सार्वजनिक रास्तों पर होगी। नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां करीब 72 अवैध कब्जे पाए गए हैं, जिनमें वकीलों के चैंबर और दुकानें शामिल हैं। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि नगर निगम को पर्याप्त पुलिस बल मुहैया कराया जाए ताकि कार्रवाई में कोई बाधा न आए।
कोर्ट ने क्यों लिया यह सख्त फैसला?
जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस राजीव भारती की बेंच ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक रास्तों पर अवैध कब्जों की वजह से आम जनता को बहुत परेशानी हो रही है। एक गंभीर घटना का जिक्र करते हुए कोर्ट ने बताया कि अतिक्रमण के कारण एक एम्बुलेंस रास्ता नहीं निकाल पाई, जिससे मरीज की मौत हो गई। इस वजह से कोर्ट ने इसे जनहित का मामला मानते हुए तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
नोटिस और आगे की प्रक्रिया क्या है?
अनुराधा सिंह और दो अन्य लोगों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ किया कि सार्वजनिक जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए हमेशा नोटिस देना जरूरी नहीं होता। हालांकि, अगर किसी को नोटिस नहीं मिला है, तो उसे संबंधित संपत्ति पर चिपकाया जाए या स्थानीय अखबारों में प्रकाशित किया जाए। प्रशासन को इस पूरी कार्रवाई की रिपोर्ट अगली सुनवाई 25 मई 2026 को कोर्ट में पेश करनी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ जिला कोर्ट में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कब होगी?
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम 12 मई 2026 को जिला कोर्ट, कलेक्ट्रेट और पुराने हाईकोर्ट क्षेत्र में अवैध चैंबर और दुकानों को हटाने की कार्रवाई करेगा।
कुल कितने अवैध निर्माणों को हटाया जाना है?
नगर निगम द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, कैसरबाग क्षेत्र और कोर्ट परिसर के आसपास लगभग 72 अवैध अतिक्रमणों की पहचान की गई है।