Lucknow में 4 महीने में डेंगू के 51 मरीज, डिप्टी सीएम ने शुरू किया संचारी रोग नियंत्रण अभियान
Lucknow: राजधानी लखनऊ में डेंगू का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। पिछले 4 महीनों में डेंगू के 51 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अब डेंगू सिर्फ किसी एक मौसम की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि जलवायु परिवर
Lucknow: राजधानी लखनऊ में डेंगू का खतरा एक बार फिर बढ़ गया है। पिछले 4 महीनों में डेंगू के 51 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अब डेंगू सिर्फ किसी एक मौसम की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि जलवायु परिवर्तन और बेमौसम बारिश की वजह से साल भर इससे अलर्ट रहने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 1 जुलाई 2026 को लखनऊ में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की। उन्होंने साफ कहा कि डेंगू, मलेरिया और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियों को केवल सरकारी कोशिशों से नहीं रोका जा सकता, इसके लिए आम जनता को भी स्वच्छता अभियान से जुड़ना होगा। डिप्टी सीएम ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की मुख्य वजह बनती है।
स्वास्थ्य विभाग ने जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की योजना बनाई है। जून 2026 तक उत्तर प्रदेश में डेंगू और चिकनगुनिया की जांच के लिए सेंटिनल प्रयोगशालाओं की संख्या 86 से बढ़ाकर 100 करने का फैसला लिया गया है। साथ ही ग्रामीण इलाकों के लिए सचल प्रयोगशालाएं भी शुरू की जाएंगी। राहत की बात यह है कि डेंगू और चिकनगुनिया से होने वाली मृत्यु दर में 96.7% की कमी आई है।
विशेषज्ञों के मुताबिक एडीज एजिप्टी मच्छर, जो डेंगू फैलाता है, अब बदलते तापमान के कारण किसी भी मौसम में पनप सकता है। इस मच्छर के अंडे शुष्क मौसम में भी एक साल तक जीवित रह सकते हैं और बारिश होते ही इनकी संख्या तेजी से बढ़ जाती है।
डेंगू से बचाव के लिए इन बातों का ध्यान रखें:
- पानी की टंकियों और बर्तनों को हमेशा ढक कर रखें।
- कूलर, बर्ड बाथ और फूलदान का पानी हर हफ्ते बदलें।
- पुराने टायर, कबाड़ और नारियल के खोल में पानी जमा न होने दें।
- सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और दिन में पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
- बुखार आने पर खुद डॉक्टर न बनें, तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।