Lucknow में है दशहरी आम का वो ‘जनक’ पेड़, जिसे देखने दूर-दूर से आते हैं विदेशी
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पास एक ऐसा आम का पेड़ है जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में होती है। यह दशहरी आम की किस्म का ‘जनक’ या मदर प्लांट माना जाता है। इस पेड़ की खासियत यह है कि आज दुनिया भर में जित
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के पास एक ऐसा आम का पेड़ है जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में होती है। यह दशहरी आम की किस्म का ‘जनक’ या मदर प्लांट माना जाता है। इस पेड़ की खासियत यह है कि आज दुनिया भर में जितने भी दशहरी आम के पेड़ हैं, वे इसी एक पेड़ की कलम से तैयार हुए हैं।
यह ऐतिहासिक पेड़ लखनऊ के ककोरी ब्लॉक के दशहरी गांव में स्थित है। जानकारों के मुताबिक इस पेड़ की उम्र करीब 200 से 300 साल है। इसका तना इतना मोटा है कि एक व्यक्ति इसे पूरी तरह नहीं घेर सकता और इसकी छाया करीब 35 मीटर तक फैली हुई है। साल 2022 की एक रिपोर्ट के अनुसार यह पेड़ लगभग 1600 स्क्वायर फीट के इलाके में फैला हुआ है।
इस पेड़ की अहमियत इतनी ज्यादा है कि इसे सरकारी तौर पर ‘संरक्षित पेड़’ का दर्जा दिया गया है। स्थानीय परिवार इसकी देखभाल करते हैं और इसे एक विरासत की तरह सहेज कर रखा गया है। साल 2022 में लखनऊ के तत्कालीन जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने भी इस पेड़ की पूजा की थी ताकि लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा सके।
दशहरी आम अपनी मिठास, खास खुशबू और बिना रेशे वाले गूदे के लिए जाना जाता है। भारत सरकार ने साल 2008 में मलिहाबाद को दशहरी आम की जन्मस्थली होने के कारण GI टैग भी दिया था। मलिहाबाद का इलाका भारत के कुल आम उत्पादन का करीब 25 प्रतिशत हिस्सा पैदा करता है।
आम की खेती को लेकर हाल के दिनों में कई नई चीजें भी सामने आई हैं। मई 2026 में कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने लखनऊ के CISH संस्थान में पुरानी बागों को फिर से नया करने के लिए एक आधुनिक प्रूनिंग तकनीक दिखाई। इसके अलावा, लखनऊ के ही एक रिटायर्ड अधिकारी अनूप बाजपेयी ने अपने बगीचे में एक ही पेड़ पर दशहरी समेत 11 अलग-अलग किस्मों के आम उगाकर सबको हैरान कर दिया है। वहीं, जुलाई 2024 में लखनऊ के दशहरी आमों को 160 साल बाद पहली बार अमेरिका के बाजारों में भेजा गया, जहां यह 900 रुपये प्रति किलो तक बिके।