UP : लखनऊ में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों को अपना निशाना बनाया है। शहर में एक रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर से क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर 5.41 लाख रुपये ठग लिए गए। वहीं एक बैंक कर्मचारी का मोबाइल फोन हैक करके
UP : लखनऊ में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर लोगों को अपना निशाना बनाया है। शहर में एक रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर से क्रेडिट कार्ड बंद कराने के नाम पर 5.41 लाख रुपये ठग लिए गए। वहीं एक बैंक कर्मचारी का मोबाइल फोन हैक करके उसके खाते से 75 हजार रुपये उड़ा लिए गए। साइबर सेल ने इन दोनों मामलों की जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ में ठगी के अलग-अलग तरीके
साइबर अपराधी अब नए-नए तरीकों से लोगों को लूट रहे हैं। रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर (प्रेस) को क्रेडिट कार्ड बंद कराने का झांसा दिया गया और उनसे 5.41 लाख रुपये ले लिए गए। दूसरी घटना में बैंक कर्मचारी का फोन हैक किया गया, जिससे उसके खाते से 75 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसके अलावा लखनऊ में ही मंडी परिषद के एक रिटायर्ड कंप्यूटर ऑपरेटर दिनेश कुमार शर्मा से निवेश के नाम पर 92.50 लाख रुपये की बड़ी ठगी हुई है, जिसमें उन्हें 2 करोड़ रुपये के मुनाफे का लालच दिया गया था।
सावधान रहें और ऐसे करें शिकायत
गृह मंत्रालय ने 12 जून 2026 को एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए होने वाली ठगी से बचने की सलाह दी गई है। अब वीडियो कॉल पर मुस्कुराना भी महंगा पड़ सकता है, इसलिए सतर्क रहें। अगर आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से अपराधियों के खाते फ्रीज करने और पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
साइबर सेल की जिम्मेदारी और कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस के नियमों के अनुसार, अब थाना स्तर पर तैनात साइबर सेल ही एटीएम, क्रेडिट कार्ड और वॉलेट फ्रॉड जैसे मामलों की जांच करेगी। पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के मुताबिक, साइबर सेल का मुख्य काम पीड़ितों को तुरंत मदद देना और आरोपी के खातों को सीज कराना है। सहरसा के साइबर डीएसपी कल्याण आनंद ने भी स्पष्ट किया है कि डिजिटल अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर ठगी होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in का उपयोग करना चाहिए।
AI आधारित साइबर ठगी क्या है?
यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए की जाने वाली नई ठगी है, जिसमें वीडियो कॉल और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को फंसाया जाता है। गृह मंत्रालय ने इसके प्रति विशेष अलर्ट जारी किया है।