Lucknow में 250 करोड़ की साइबर ठगी का भंडाफोड़, 5वीं फेल मास्टरमाइंड समेत 122 लोग गिरफ्तार
Lucknow: राजधानी लखनऊ के गोमती नगर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को अपना निशाना बनाया और करीब 250 करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस पूरे
Lucknow: राजधानी लखनऊ के गोमती नगर में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने विदेशी नागरिकों, खासकर अमेरिका के लोगों को अपना निशाना बनाया और करीब 250 करोड़ रुपये की ठगी की। पुलिस ने इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड विनीत धर्मेंद्र वशिष्ठ और उसके साथियों को कोलकाता के एक लग्जरी रिसॉर्ट से गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरा फर्जीवाड़ा गोमती नगर के विभूति खंड स्थित समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर चल रहा था। यहाँ ‘सोलारिस सॉल्यूशन’ नाम की कंपनी बनाई गई थी, जो असल में एक इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड कॉल सेंटर था। पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने बताया कि यह गिरोह पिछले एक साल से सक्रिय था और हर महीने करीब 12 करोड़ रुपये कमा रहा था। ठगी की यह रकम हवाला के जरिए तीन अलग-अलग देशों से होते हुए भारत लाई जाती थी।
गिरोह के सदस्य खुद को बड़ी कंपनियों के अधिकारी या सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बताते थे। वे लोगों को झांसे में लेकर उनसे गिफ्ट कार्ड और क्रिप्टोकरेंसी के रूप में पैसे ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस ने अब तक कुल 122 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 40 महिलाएं भी शामिल हैं। मास्टरमाइंड विनीत पर 25,000 रुपये का इनाम भी घोषित था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी अपने मोबाइल फोन बंद कर देते थे और सबूत मिटाने के लिए फोन नदी में भी फेंके गए थे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल ठगी की राशि | 250 करोड़ रुपये से अधिक |
| कुल गिरफ्तार लोग | 122 (40 महिलाएं शामिल) |
| मुख्य आरोपी | विनीत धर्मेंद्र वशिष्ठ, नायकराज उर्फ चार्ल्स, रिंकी दास गुप्ता |
| कॉल सेंटर का पता | समिट बिल्डिंग, विभूति खंड, गोमती नगर, लखनऊ |
| कंपनी का नाम | सोलारिस सॉल्यूशन |
| मुख्य पीड़ित | संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के नागरिक |
पुलिस अब इस मामले में गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी कर रही है। साथ ही, ठगी के पैसों से खरीदी गई संपत्तियों को जब्त किया जाएगा। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), आईटी एक्ट और दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस हिरासत में आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।