Lucknow में वैज्ञानिकों ने नई हरित क्रांति पर किया मंथन, CSIR-NBRI में दो दिवसीय संगोष्ठी संपन्न
Lucknow: राजधानी लखनऊ के CSIR-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI) में 15 और 16 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर के करीब 150 वैज्ञानिकों, शिक्षकों और शोधार्थिय
Lucknow: राजधानी लखनऊ के CSIR-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI) में 15 और 16 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर के करीब 150 वैज्ञानिकों, शिक्षकों और शोधार्थियों ने हिस्सा लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र पौधों के विकास और तनाव प्रतिक्रियाओं को नियंत्रित करने वाले हार्मोनल सिस्टम रहे, ताकि खेती को और बेहतर बनाया जा सके।
इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याओं से निपटने के लिए ऐसी फसलें तैयार करना था जो अधिक उत्पादक और टिकाऊ हों। वैज्ञानिकों ने जीनोमिक्स, जैव प्रौद्योगिकी और पादप हार्मोन सिग्नलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों पर विस्तार से बात की। इस आयोजन में अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) का सहयोग रहा।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि डॉ. त्रिलोचन महापात्र ने कहा कि देश की बढ़ती आबादी के लिए खाद्य, पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में पौधों पर आधारित समाधान बहुत जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता से लेकर जैव-ईंधन तक के क्षेत्र में पादप संसाधनों ने देश की तरक्की में बड़ी भूमिका निभाई है।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. अश्विनी पारीक और संस्थान के निदेशक डॉ. अजीत कुमार शासनी ने भी इस चर्चा के महत्व पर जोर दिया। विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से ऐसी उन्नत फसल किस्में विकसित की जा सकती हैं जो मौसम की मार झेल सकें और किसानों को बेहतर उपज दें। यह प्रयास देश में एक नई हरित क्रांति लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।