UP: लखनऊ के CSIR-CIMAP संस्थान में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 के मौके पर एक खास वर्कशॉप हुई। इसमें अरोमा मिशन के असर और आगे की योजनाओं पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद खेती में नए तरीके अपनाकर किसानों की
UP: लखनऊ के CSIR-CIMAP संस्थान में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 2026 के मौके पर एक खास वर्कशॉप हुई। इसमें अरोमा मिशन के असर और आगे की योजनाओं पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद खेती में नए तरीके अपनाकर किसानों की आमदनी बढ़ाना और सुगंधित पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देना था।
अरोमा मिशन से किसानों को क्या फायदा होगा?
संस्थान के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने बताया कि अरोमा मिशन की वजह से भारत अब लेमनग्रास और जरूरी तेलों के उत्पादन में दुनिया के बड़े देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है। मिशन के तीसरे चरण में लक्ष्य 1 लाख किसानों तक पहुँचने का है। इसके तहत करीब 50 हजार लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे तेल निकालने और उसे बेहतर बनाने का काम सीख सकें।
लखनऊ में कौन से नए प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे?
शहर की हरियाली और औषधीय पौधों को बचाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के साथ तीन साल की पार्टनरशिप की गई है। इसके तहत लखनऊ में अरोमा पार्क और ग्रीन कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। साथ ही, फ्रेज़ूल इंडस्ट्रीज़ के साथ मिलकर पांच हर्बल उत्पादों को बाजार में उतारने का समझौता हुआ है।
महिलाओं और ग्रामीण विकास के लिए क्या पहल है?
CSIR-CIMAP ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ट्रेनिंग दी है। उन्हें हर्बल अगरबत्ती, खुशबूदार मोमबत्ती और गुलाब जल जैसे पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद बनाने का तरीका सिखाया गया है। इससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार के नए मौके खुलेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
CSIR-अरोमा मिशन का अगला लक्ष्य क्या है?
मिशन के तीसरे चरण में 1 लाख किसानों तक पहुँचने और 50 हजार कुशल मानव संसाधन तैयार करने का लक्ष्य है। साथ ही अरोमा मिशन 4.0 के तहत जेरेनियम, लैवेंडर और पचौली जैसी फसलों पर ध्यान दिया जाएगा।
लखनऊ में अरोमा पार्क का क्या उद्देश्य है?
लखनऊ विकास प्राधिकरण और सीमैप की साझेदारी से बनने वाले अरोमा पार्क और ग्रीन कॉरिडोर का उद्देश्य शहरी हरियाली बढ़ाना और औषधीय पौधों का संरक्षण करना है।