Lucknow में संविदा बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन, 18 हजार वेतन और ऊर्जा मंत्री से मुलाकात की मांग
UP/Lucknow : लखनऊ के इको गार्डन और शक्ति भवन में बुधवार को संविदा बिजली कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और विभाग के बड़े अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे
UP/Lucknow : लखनऊ के इको गार्डन और शक्ति भवन में बुधवार को संविदा बिजली कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर ऊर्जा मंत्री एके शर्मा और विभाग के बड़े अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें उचित वेतन नहीं मिल रहा है और काम का दबाव बहुत ज्यादा है।
यूपी पावर कॉरपोरेशन निविदा एवं संविदा कर्मचारी संघ के नेतृत्व में यह आंदोलन चलाया गया। कर्मचारियों की मुख्य मांग है कि उनका न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये प्रति माह तय किया जाए। इसके अलावा वे ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से मिलकर अपनी समस्याओं को सीधे बताना चाहते हैं। संघ का आरोप है कि प्रबंधन अपने ही आदेशों का उल्लंघन कर रहा है और हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने काम के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पिछले 45 दिनों में 56 कर्मचारी दुर्घटनाओं का शिकार हुए, जिनमें से 30 की मौत हो गई और 26 घायल हो गए। कर्मचारियों ने बताया कि उनसे दिन में 16-16 घंटे काम कराया जाता है, लेकिन वेतन समय पर नहीं मिलता। उन्हें केवल मौखिक आश्वासन दिए जाते हैं, जबकि कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है।
| प्रमुख मांगें और आरोप | विवरण |
|---|---|
| न्यूनतम वेतन | 18,000 रुपये प्रति माह निर्धारित करना |
| बहाली | हटाए गए कर्मचारियों को वापस नौकरी देना |
| सुविधाएं | कैशलेस इलाज और बकाया वेतन का भुगतान |
| जांच | ईपीएफ घोटाले की निष्पक्ष जांच |
| सुरक्षा | काम के दौरान सुरक्षित माहौल और मुआवजा |
| कानून | श्रम कानूनों का सही तरीके से पालन |
29 जुलाई को कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक और संगठन के पदाधिकारियों के बीच दोपहर करीब 2 बजे बातचीत हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इस वजह से कर्मचारियों ने अपना धरना जारी रखने का फैसला किया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि भीषण गर्मी में रिकॉर्ड बिजली मांग के बीच कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वहीं, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ने 2023 के आंदोलन के दौरान जूनियर इंजीनियरों पर की गई दंडात्मक कार्रवाई को खत्म करने की मांग की है।