Lucknow में पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस का कैंडल मार्च, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक विवाद और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश मुख्यालय से जीपीओ तक पैदल मार्च निकाला और मोमबत
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक विवाद और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश मुख्यालय से जीपीओ तक पैदल मार्च निकाला और मोमबत्तियां जलाकर अपना विरोध जताया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की।
यह प्रदर्शन नीट और सीबीएसई परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज के विरोध में किया गया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने इसे एक बड़े आंदोलन का हिस्सा बताया है। लखनऊ के बाद अब 25 जुलाई को राज्य के सभी 75 जिलों में इसी तरह के कैंडल मार्च निकाले जाएंगे।
इस पूरे विवाद पर कांग्रेस के बड़े नेताओं ने कड़ा रुख अपनाया है। राहुल गांधी ने साफ कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक सरकार से चर्चा का कोई सवाल नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से माफी मांगने और लाठीचार्ज के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही शिक्षा व्यवस्था पर बात होगी। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार को सुझाव दिया कि प्रधान का इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
प्रदर्शनों का सिलसिला पिछले कुछ दिनों से जारी है। 21 जुलाई को दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लिया गया था, वहीं 22 जुलाई को लखनऊ में राज्य अध्यक्ष अजय राय समेत कई नेताओं को पुलिस ने रोका और हिरासत में लिया। दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए एक सख्त कानून को मंजूरी दी है, लेकिन छात्र और विपक्षी दल शिक्षा मंत्री की जवाबदेही पर अड़े हुए हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने छात्रों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।