Lucknow कोचिंग अग्निकांड में बड़ा खुलासा, फर्जी NOC के दम पर चल रहा था सेंटर; 15 छात्रों की मौत के बाद जांच तेज

Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने अब एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया है। जांच में सामने आया है कि जिस विद्युत सुरक्षा निदेशालय की NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के आधार पर सेंटर चलाया जा

Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने अब एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर किया है। जांच में सामने आया है कि जिस विद्युत सुरक्षा निदेशालय की NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) के आधार पर सेंटर चलाया जा रहा था, वह पूरी तरह फर्जी थी। इस दर्दनाक हादसे में 15 छात्रों की जान चली गई थी, जिसके बाद अब प्रशासन उन सभी कड़ियों को जोड़ रहा है जिनकी लापरवाही से यह हादसा हुआ।

विद्युत सुरक्षा निदेशक गिरीश कुमार सिंह ने पुष्टि की है कि कोचिंग सेंटर द्वारा दिखाई गई NOC उनके रिकॉर्ड में नहीं है और उस पर किए गए हस्ताक्षर भी फर्जी हैं। जांच में यह भी पता चला कि जिस NOC नंबर का दावा किया गया था, वह असल में किसी दूसरे संस्थान को जारी की गई थी। नियमों के मुताबिक, किसी भी आवासीय कनेक्शन को कमर्शियल (वाणिज्यिक) में बदलने के लिए इस विभाग की NOC लेना अनिवार्य होता है, लेकिन यहाँ नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं।

मामले में जानकीपुरम जोन के मुख्य अभियंता वीपी सिंह ने बताया कि इस बिल्डिंग को पहले एक किलोवाट का स्थायी कनेक्शन दिया गया था, जो कि गलत था। बाद में इसी फर्जी NOC के सहारे इस लोड को बढ़ाकर 20 किलोवाट कर दिया गया। इस पूरे मामले में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला समेत तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। एलडीए की जांच में भी भवन के नक्शे, पार्किंग और ऊंचाई को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं मिली हैं।

सरकार ने इस घटना के बाद पूरे प्रदेश के कोचिंग सेंटरों का सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने साफ किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। वहीं, प्रयागराज में भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले चार कोचिंग सेंटरों को सील किया गया है। अब उन बिजली विभाग के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो सकती है जिन्होंने बिना सही वेरिफिकेशन के कनेक्शन और लोड बढ़ाने की अनुमति दी थी।