UP: लखनऊ के सिविल कोर्ट परिसर में अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और चैंबर गिराए जाने के बाद प्रदेश भर के वकील आक्रोशित हैं। इस घटना के विरोध में हरदोई के वकीलों ने प्रदर्शन किया और राज्यपाल को ज्ञापन
UP: लखनऊ के सिविल कोर्ट परिसर में अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस द्वारा कथित लाठीचार्ज और चैंबर गिराए जाने के बाद प्रदेश भर के वकील आक्रोशित हैं। इस घटना के विरोध में हरदोई के वकीलों ने प्रदर्शन किया और राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। लखनऊ समेत बांदा, बरेली, देवरिया और वाराणसी जैसे करीब 25 जिलों में अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार किया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों हुई कार्रवाई
यह पूरा विवाद 17 मई 2026 को शुरू हुआ जब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश पर नगर निगम और प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। प्रशासन का कहना था कि सड़क और नाले की जमीन पर अवैध कब्जे थे, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही थी। इस अभियान में करीब 240 अवैध चैंबर और दुकानें तोड़ी गईं। वकीलों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया और विरोध करने पर पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया।
वकीलों की मांगें और प्रशासन का पक्ष
सेंट्रल बार एसोसिएशन लखनऊ और हरदोई के वकीलों ने इस कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताया है। वकीलों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और घायल अधिवक्ताओं के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की है। वहीं, डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित का कहना है कि पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया, बल्कि भीड़ द्वारा पथराव किए जाने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियों का इस्तेमाल किया गया।
हड़ताल और आगे की रणनीति
लखनऊ के सेंट्रल बार एसोसिएशन ने 18 से 20 मई तक तीन दिवसीय न्यायिक कार्य बहिष्कार किया था। 20 मई को दोपहर 2 बजे एक आमसभा बुलाई गई है ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके। वकीलों ने चेतावनी दी है कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर एक्शन नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ सिविल कोर्ट में बुलडोजर कार्रवाई क्यों हुई थी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के आदेश पर नगर निगम ने सड़क और नाले की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए यह अभियान चलाया था, जिसमें 240 चैंबर और दुकानें गिराई गईं।
वकीलों ने प्रशासन से क्या मांग की है
अधिवक्ताओं ने लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों पर तत्काल कार्रवाई करने और घायल वकीलों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है।