UP : लखनऊ की सिटी बस सेवाओं में संविदा पर काम करने वाले ड्राइवर और कंडक्टर इन दिनों अपनी नौकरी को लेकर परेशान हैं। दुबग्गा डिपो के कर्मचारी अपनी सेवाओं को निजी कंपनी SS Enterprises में विलय किए जाने का विरोध कर रहे हैं।
UP : लखनऊ की सिटी बस सेवाओं में संविदा पर काम करने वाले ड्राइवर और कंडक्टर इन दिनों अपनी नौकरी को लेकर परेशान हैं। दुबग्गा डिपो के कर्मचारी अपनी सेवाओं को निजी कंपनी SS Enterprises में विलय किए जाने का विरोध कर रहे हैं। इस विवाद के कारण शहर की बस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई है और कई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आत्मदाह तक की चेतावनी दे रहे हैं।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें निजी कंपनी में भेजने के बजाय उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) या परिवहन विभाग में ही समायोजित किया जाए। उनकी मुख्य मांग नौकरी की स्थिरता, सही वेतन संरचना, पेंशन और मेडिकल सुविधाओं की सुरक्षा को लेकर है। कुछ कर्मचारियों ने यह आरोप भी लगाया है कि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है और जो मिल रहा है वह तय राशि से कम है।
आम जनता और बस सेवा पर क्या असर पड़ा?
इस विरोध प्रदर्शन का सीधा असर लखनऊ के आम यात्रियों पर पड़ा है। 1 जून 2026 को करीब 115 ई-सिटी बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहा, जिससे 22 प्रमुख रूट प्रभावित हुए और लगभग 20,000 यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिटी ट्रांसपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, इस हड़ताल की वजह से विभाग को करीब 18 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
अब तक क्या-क्या घटनाक्रम हुए?
31 मई से शुरू हुए इस विवाद में 1 जून को चार संविदा चालकों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह की कोशिश की, जिसे पुलिस ने समय रहते रोक लिया। 2 और 3 जून को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा पर जोरदार प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। हालांकि, परिवहन मंत्री ने कर्मचारियों से कहा है कि उन्हें SS Enterprises में ही रहना होगा, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बस कर्मचारी क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं?
संविदा कर्मचारी दुबग्गा डिपो की सेवाओं को निजी कंपनी SS Enterprises में विलय किए जाने का विरोध कर रहे हैं और सरकारी विभाग में समायोजन की मांग कर रहे हैं।
बस हड़ताल से यात्रियों को कितनी परेशानी हुई?
1 जून को 115 ई-सिटी बसों के बंद होने से 22 रूट प्रभावित हुए और लगभग 20,000 यात्रियों को आवाजाही में दिक्कत आई।